इस बार बलात्कारी खुद पुलिस वाला, बच्ची थी 7 साल की… पुलिस थी असम की.. जफर अली के बांग्लादेशी होने का शक

पुलिस जिसके ऊपर जिम्मेदारी होती है कि वह समाजं को अपराधियों की दहशत से मुक्ति दिलायेगी. पुलिस जिसके ऊपर जिम्मेदारी होती है कि समाज से अपराध का खात्मा करे, अपराधियों का खात्मा करे लेकिन उसके तन पर वर्दी जरूर थी लेकिन मन आज उसका मजहबी दुराचारी मानसिकता से ग्रसित था. पुलिस की वर्दी पहिनने के बाद भी वो अपनी सोच को बदल न सका. फिर उसने वो किया कि उसके कार्य के कारण वो वर्दी जनता की नजरों में कटघरे में आ गयी जो वर्दी हमेशा राष्ट्र के सेवक के रूप में जनता सक्रिय रहती है.

हम बात कर रहे हैं असम पुलिस के बिलासीपाड़ा थाना के अंतर्गत बंगालीपाड़ा एनआरसी सेंटर में तैनात जवान सैयद जफर अली जिसने एक सात साल की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया. वो बच्ची जिसने ठीक से इस दुनिया को देखा भी नहीं था लेकिन पुलिस की वर्दी में हैवान बने सैय्यद जफ़र अली को इससे कोई लेना देना नहीं था, तन पर वर्दी होने के बाद भी उसने अपनी हवस की बूख में उस मासूम के जीवन को तबाह कर दिया. जफ़र अली मोबाइल पर गेम खिलवाने के बहाने से बच्ची को अपनी बाइक पर बैठाकर ले गया आैर रेप किया. इस बात कि जानकारी तब हुर्इ जब पिछले दो दिनों से बच्ची का स्वास्थ्य खराब हो गया.

बच्ची ने डर के कारण अपने घर में नहीं बतार्इ थी. बता दें कि बच्ची को बाइक पर ले जाते हुए कुछ स्थानीय लोगों ने देखा था, जिसके बाद घरवालों से पूंछा तो उसने आपबीती सुनाई. जिसके बाद शिकायत दर्ज कराने पर प्रशासन ने बुधवार को बलात्कारी सैय्यदजफ़र अली को हिरासत में ले लिया है. स्थानीय नागरिकों ने बलात्कारी पुलिसकर्मी सैय्यद जफ़र अली के बांग्लादेशी होने की आशंका जताई है और ये सच भी हो सकता है क्योंकि पिछले दिनों ही एक भाजपा नेता ने खुलासा किया था कि कई कांग्रेसी विधायकों का संबंध बांग्लादेश से है जो आज यहाँ असम में विधायक बन गये हैं.

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