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12 साल की मासूम बच्ची का दादाजी बनकर आता था आफताब अली, लेकिन घरवालों को अचानक पता चला कि बिटिया के पेट में 4 माह का बच्चा है..

60 वर्षीय आफताब अली उस नाबालिग के घर आता था तो वह उसको दादाजी कहकर बुलाती थी. लेकिन वो नहीं जानती थी कि जिसे वह दादा कहती है वह दादा के वेश मैं छिपा हुआ हैवान है. और एक दिन आफ़ताब अली की हैवानियत बाहर आ ही गई तथा उसने उस मासूम के साथ जबरन दुष्कर्म अंजाम दिया तथा उसके बाद भी डरा-धमकाकर उसके ससथ रेप करता रहा. नाबालिग के घरवालों को इसका पता तब चला जब नाबालिग ने पेट दर्द की शिकायत की तो जाँच में आया कि नाबालिग के पेट में ४ माह का बच्चा है.

समझ नहीं आता कि आखिर वह कौन सी सोच है जिसकी बहशी दुराचारी सोच के कारण आज देश की आधी आबादी खुद को भयभीत महसूस करती है? आखिर वह कौन सी सोच है जो अपनी दुराचारी सोच का शिकार मासूम बच्चियों तक को बना लेती है? ताजा मामला असम के गुवाहाटी जिले का है जहाँ इसी दुराचारी सोच का शिकार एक 12 वर्षीय नाबालिग युवती हुई है. इससे भी अधिक शर्मनाक बात ये है कि जिस बच्ची के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया गया है वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है. इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है तथा गिरफ्तार आरोपी की पहचान आफताव के रूप में की गर्इ है.पुलिस के मुताबिक पंजाबाड़ी रहमद नगर का रहने वाले आफताव अली ने पास में ही रहने वाले एक परिवार के मानसिक रूप से पीड़ित बच्ची का फायदा उठाते हुए पिछले एक साल से दुष्कर्म करता रहा. एक दिन बच्ची के पेट में दर्द हुआ तो उसकी देखभाल के दौरान परिवार वालों ने बच्ची की शारीरिक अवस्था को देखते हुए शक जाहिर किया.

इसके बाद जब परिवार वालों ने बच्ची से पूछा तो बच्ची ने आफताव अली के द्वारा किए जाने वाले दुष्कर्म की बात बतार्इ. जिसके बाद परिवार वालों ने किशोरी को गुवाहाटी मेडिकल काॅलेज ले गए आैर वहां पर जांच के दौरान पता चला कि किशोरी चार महीने की गर्भवती है. घटना के सिलसिलें में परिवार वालों ने आफताव के खिलाफ सातगांव थाने में मामाला दर्ज करवाया. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने हरकत में आते हुए रहमद नगर में शुक्रवार की रात में अभियान चलाकर अफताव अली को गिरफ्तार किया है. आप को बता दें कि अफताव अली इससे पहले भी दुष्कर्म के तीन मामलों को अंजाम दे चुका है आैर जेल की हवा भी खा चुका है.

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