सेकुलर लड़कियों की तलाश में दिन भर घूमता था सिद्दीकी.. उसके बाद उनका रेट होता था 30 हजार

सिद्दीकी अली के निशाने पर वो लड़किया होती थी जो सेक्यूलर विचारधार थी. सिद्दीकी की नजर अक्सर उन लड़कियों पर रहती थी जिनकी आयु 15 से 20 साल के बीच होती थी तथा जो कहती थी कि वह इंसानियत को मानती हैं, हिन्दू-मुसलमान को नहीं. सिद्दीकी अली अपने झांसे में इन सेक्यूलर लड़कियों को फंसाता था तथा उसके बाद इन लड़कियों का रेट होता था 30 हजार.. जी हाँ, सिद्दीकी अली अपने झांसे में इन लड़कियों को फंसाकर उनको 30 हजार रूपये में बेचता था. इसके बाद उन लड़कियों को दी जाती थी अंतहीन प्रताड़ना तथा खिलवाड़ किया जाता था उनकी अस्मिता.

आपको बता दें कि असम ह्यूमन ट्रैफिकिंग का ये चौंकाने वाला खुलासा असम से सामने आया है. सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार, असम की गरीब परिवार की लड़कियों को गैर कानूनी तरीके से राजस्थान जैसे राज्यों में 30-30 हजार में बेचा जा रहा है. पुलिस ने सोमवार को 32 वर्षीय सिद्दीकी अली को गिरफ्तार किया. अली इंटर स्टेट ह्यूमन ट्रैफिकिंग रैकेट का मास्टरमाइंड है. अली की गिरफ्तारी से ही गरीब परिवारों की लड़कियों को 30-30 हजार में बेचे जाने का खुलासा हुआ. सोमवार को खारुपेटिया पुलिस ने अली को गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान अली ने चौंकाने वाले खुलासे किए. अली ने बताया कि असम से बेची जाने वाली लड़कियों की कीमत 30 हजार से शुरु होती है. अली उदलगुरी के रोवता बागान गांव का रहने वाला है. खारुपेटिया पुलिस को ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस(192/१८) में अली की तलाश थी. यह मामला 18 वर्षीय लड़की की गुमशुदगी से जुड़ा था. लड़की सिमालुबारी गांव की रहने वाली है. पुलिस के मुताबिक अली पहले लड़कियों से दोस्ती करता. फिर शादी का झूठा वादा कर उन्हें प्यार के जाल में फंसाता. जब लड़कियां उसके प्यार के जाल में फंस जाती तो अली उन्हें राज्य के बाहर भगा कर ले जाता तथा फिर वह लड़कियों के खरीदारों से पैसों को लेकर मोल भाव करता और रकम तय होने पर लड़कियों को बेच देता. हालांकि सोमवार को किस्मत ने अली का साथ नहीं दिया और वह ओरांग में पुलिस की ओर से बिछाए गए जाल में फंस गया.

सिद्दीकी अली को पुलिस ने उस वक्त धर लिया जब वह कछारी भेटिटोपगांव में एक गरीब परिवार से उनकी बेटी से शादी को लेकर चर्चा कर रहा था. स्थानीय लोगों को उसके इरादों को लेकर शक हुआ और उन्होंने अली को पकड़ लिया. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी. खारुपेटिया पुलिस ओरांग पहुंची और अली को अपनी कस्टडी में ले लिया. पूछताछ के दौरान अली ने बताया कि उसने किस तरह शादी के झूठे वादे कर गरीब परिवारों की तीन लड़कियों को बेचा था. अली के कबूलनामे से स्थानीय लोग ही नहीं जांच करने वाले पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए. आपको बता दें कि बेची गई एक लड़की सिमालुबारी की रहने वाली है. उसने 17 जून को अपनी मां से संपर्क किया और बताया कि अली ने उसे राजस्थान में बेच दिया है. पीडि़ता की मां ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. राजस्थान और असम पुलिस ने पीडि़ता को रेस्क्यू कराया. सोमवार को पीडि़ता अपने घर पहुंची. पीडि़ता ने बताया कि अली ने उससे शादी का झूठा वादा किया और उसे अपने साथ राजस्थान भागने के लिए मजबूर किया. राजस्थान पहुंचने के बाद उसे ट्रैफिकर्स को 30 हजार में बेच दिया गया. लेकिन अब अली गिरफ्तार हो चुका है तब पता चला कि अली के जाल में फंसने वाले ये अकेली युवती नहीं थी बल्कि इससे पहले भी वह कई लड़कियों को अपना शिकार बना चुका था.

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