चुन चुन कर मारे जा रहे अमित शाह की रैली में जा रहे लोग.. राज है सेक्यूलर ममता बनर्जी का

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की बढ़ती ताकत से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस खेमे की बौखलाहट अब सामने आने लगी है. तृणमूल कांग्रेस की इसी बौखलाहट का नजारा मंगलवार को पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर में उस समय देखने  मिला जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की रैली के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में लाने वाली एक बस पर हमला हो गया और एक बाइक फूंक दी गई. बीजेपी ने इसके लिए राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को दोषी ठहराया है. पार्टी का कहना है कि तृणमूल इससे बौखला गई है. वहीं बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने ममता बनर्जी को चेतावनी दी कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर इस तरह का हमला उन्हें महंगा पड़ेगा.

ज्ञात हो कि कि रैली के लिए कार्यकर्ताओं को लाने वाली बस जनसभा स्थल के समीप ही खड़ी थी. रैली के खत्म होते ही कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया और तोड़फोड़ कर दी. एक बाइक में आग लगा दी गई. इसके लिए पश्चिम बंगाल में बीजेपी के नेता राहुल सिन्हा ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘TMC हमारी बढ़ती ताकत से डर रही है. इसलिए वह हिंसा पर उतर आई है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सब कुछ पुलिस के सामने हुआ. हमलावरों ने महिला कार्यकर्ताओं तक को नहीं छोड़ा.’ इस घटना पर बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल के प्रभारी विजयवर्गीय ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है. उन्होंने कहा, ‘हम ममता जी को चेतावनी देना चाहते हैं कि इस प्रकार बीजेपी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं है और न ही झुकने वाले हैं. ये ममता जी को बहुत महंगा पड़ेगा, ये मैं कहना चाहता हूं.’

इसके अलावा दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मामले को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की तथा ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला. संबित पात्रा ने कहा कि बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है जिस समय हम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं, बंगाल में अराजकता फैली है. बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है. उन्होंने कहा कि अमित शाह जी की रैली में लाखों लोग आए थे. रैली के बाद बसों पर पथराव किया गया. बसों में आग लगाई जा रही है. कार्यकर्ताओ को निकाल-निकाल कर पीटा जा रहा है.

पात्रा ने कहा कि क्या यह लोकतंत्र है? तालिबानी दीदी की तरह ममता बर्ताव कर रही हैं. संबित पात्रा ने कहा कि ममता जी आप अन्य दलों के साथ हाथ उठाकर लोकतंत्र की बात करती हैं. क्या ममता जी इस तरह से लोकतंत्र बचाएंगी? ममता जी के पक्ष में जनमत खत्म हो चुका है. हम आ रहे हैं. इसलिए ममता भय और आतंक का माहौल पैदा कर रही हैं. वह मां माटी मानुष की बात करती हैं, लेकिन निर्मम अमानुष की तरह व्यवहार करती हैं. ममता जी हम ये बर्दाश्त नही करेंगे. हम अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़े है.

 

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