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अब धर्मांतरण की लपटें जजों के घरवालों तक… धर्म नहीं बदला तो बीबी बच्चे पर हमला.. बीच में आ रहा एक चर्च का नाम

हिंदुत्व तथा हिन्दू धर्म को मानने वालों पर किस तरह से चौतरफा हमले हो रहे हैं इसका सनसनीखेज मामला देश की राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम से सामने आया है जहाँ एक जज के गनर ने उनके परिवार पर भयानक हमला कर दिया. जज तथा उनके परिवार पर हुए इस हमले में अब चर्च का नाम सामने आ रहा है. जी हाँ, जानकारी मिल रही है कि जज तथा उनके परिवार पर हमला करने वाला गनर धर्म परिवर्तन करके ईसाई बन चुका था तथा जज के परिवार को भी धर्मान्तरित करने का प्रयास कर रहा था. लेकिन जब जज का परिवार इसके लिए तैयार नहीं हुआ था तो उसने गोली चलाकर हमला कर दिया तथा जज की पत्नी व उनके बेटे की ह्त्या कर दी.

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरुग्राम की पत्नी या बेटे को गोली मारने के मामले में पुलिस को अब आरोपी सिपाही के ईसाई गुरु और गुरु मां की तलाश है. गोली चलाने वाला हेड कांस्टेबल महिपाल के गुरु इंद्रराज सिंह व गुरु मां की तलाश सीआईडी कर रही है. पुलिस को जानकारी मिली है कि दक्षिण हरियाणा ही नहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश व दिल्ली में धर्म परिवर्तन के लिए एक बड़ा गैंग काम कर रहा है. सीआईडी के सूत्रों की मानें तो 11 अगस्त 2015 को महेंद्रगढ़ जिला के नारनौल उपमंडल के गांव भूवारका में पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर छापा मारा था. पुलिस को सूचना मिली थी की गांव में इलाज का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. ग्रामीणों के हंगामे पर पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी इंद्रराज सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और उसे कोर्ट में पेश किया था. पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत पर मौके पर ईसाई धर्म संबंधित पंपलेट भी बरामद किए थे. सीआईडी सूत्रों के अनुसार इंद्रराज सिंह के द्वारा ही महिपाल इस चक्रव्यूह में फंसा.

21 अगस्त 2018 को पुलिस ने होटल में छापा मारकर सीआरपीएफ के जवान समेत जिन 8 लोगों को हिरासत में लिया था उनकी पैरवी भी महिपाल ने गुरूग्राम से आकर की थी. 11 अगस्त 2015 की घटना के दौरान जब अपने गुरु को बचाने के लिए महिपाल खुलकर सामने आ गया था तो उसकी मां सरिता ने उसका विरोध किया था. महिपाल के न मानने पर, उसकी मां अपने सगे भाई के गांव कोसली में रहने के लिए चली गईं थीं. वहीं, ग्रामीणों के विरोध के बाद महिपाल अपनी पत्नी मीनू व दो लड़कियों के साथ गुरुग्राम पुलिस लाइन में रहने चला गया. इसके बाद भी महिपाल ने अपना नेटवर्क जारी रखा. सीआईडी सूत्रों के अनुसार महिपाल सिंह ने न केवल सोशल मीडिया पर अपने आपको अपडेट किया, बल्कि वह लगातार महेंद्रगढ़ जिले में आकर यहां के युवाओं को गुमराह करता रहता था. सीआईडी सूत्रों की मानें तो महिपाल अभी तक 2 दर्जन से अधिक युवाओं का धर्म परिवर्तन करा चुका है. इनमें कई ऐसे हैं, जो सीआरपीएफ में है, वहीं कुछ दिल्ली में प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं. सीआईडी की टीम इस पूरे मामले को खंगालने में लगी लगी है.

ज्ञात हो कि महिपाल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरुग्राम की पत्नी रेणु व उनके बेटे ध्रुव पर भी पिछले काफी समय से धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था. दोनों ने उसकी बात नहीं मानी, तो आरोपी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और उन पर गुस्सा करना शुरू कर दिया था. इसी वजह से आरोपी ने रेणु और उनके बेटे ध्रुव को शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर 49 स्थित आर्केडिया मार्केट में गोली मार दी. एसपी गुरुग्राम व डीजीपी हरियाणा के आदेश पर महेंद्रगढ़ जिला पुलिस सीआईडी की टीम ने गुरुग्राम में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की पत्नी रेणु व उसके बेटे पर गोली चलाने वाले अंगरक्षक महिपाल का इतिहास खंगाला तो यह बात सामने आई.

सीआईडी टीम सूत्रों की मानें तो महिपाल ने 3 साल पहले धर्म परिवर्तन कर लिया. धर्म परिवर्तन के बाद वह अपने गांव में रहा और उसने मकान भी बनवाया. कुछ ग्रामीणों ने उसके इसाई धर्म अपनाने का विरोध किया. पुलिस में होने के कारण ग्रामीण उसका अधिक विरोध नहीं कर पाए. बाद में महिपाल गुरुग्राम में तैनात होने के कारण अपने परिवार के साथ वहीं पर पुलिस लाइन में चला गया. सीआईडी सूत्रों के अनुसार महिपाल पिछले कई महीनों से अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश गुरुग्राम के परिवार पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था. उसकी पत्नी भी इस बात का विरोध कर रही थी इसीलिए वह पुलिस लाइन से अपने गांव रोजका आ गई. सीआईडी सूत्रों के अनुसार पिछले 1 महीने से लगातार महिपाल का जज के परिवार से झगड़ा भी हो रहा था. वह हमेशा माफी मांग लेता था. शनिवार को उसको मौका मिला और उसने जज की पत्नी व बेटे को गोली मारकर ह्त्या कर दी.

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