पूज्य “भगवद्गीता” को पढ़ रहा था दिलशेर तो बर्दाश्त नहीं हुआ जाकिर और समीर से.. घर में घुसकर पीटा दिलशेर को

ये भारत की उस कथित धर्मनिरपेक्षता की वास्तविक हकीकत है जिसके लिए तमाम स्वघोषित बुद्धिजीवी तथा खान मार्केट गैंग के कर्मचारी बड़ी-बड़ी डींग हांकते हुए नजर आते हैं. मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का है जहाँ जाकिर और समीर नामक उन्मादियों ने 55 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति दिलशेर को उसी के घर में घुसकर इसलिए पीटा क्योंकि वह पूज्य सनातनी ग्रन्थ श्रीमद्भागवत गीता पढ़ रहा था. घटना गुरूवार सुबह 9 बजे की है. दिलशेर की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

दिलशेर द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, दिलेशर एक फैक्ट्री में सेक्युरिटी गार्ड के तौर पर काम करता है. उसने आरोप लगाया है कि जब वह अपने काम से घर वापास आया तो वह धार्मिक पुस्तक गीता अपने घर पर पढ़ रहा था. इस दौरान समीर, जाइक और कुछ अज्ञात लोग उसके घर में घुस आये तथा उसके साथ मारपीट की. साथ ही उसके पास से हिंदू धर्म की धार्मिक पुस्तकें भगवद गीता, रामायण को छीन लिया. दिलशेर ने बताया कि वह इन पुस्तकों को 38 वर्ष से पढ़ रहा है तथा उसे इन धार्मिक पुस्तकों को पढने से शांति मिलती है.

दिलशेर की शिकायत पर अलीगढ़ की दिल्ली गेट पुलिस स्टेशन में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने बताया है आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 298, 323, 452, 504, 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.  इस घटना के बारे में एसपी सिटी अभिषेक ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है और जल्दी ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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