“अमानत” और “निजामुद्दीन” का झगड़ा सुलझाने पहुचे थे “विजय कुमार. उनका ही कत्ल करने पर आमादा हो गए वो . पुलिस ने बचा लिया बहुत बड़ा संकट

हामिद अंसारी की बातों का असर एक सभ्य समाज पर पड़ने के बजाय सीधे सीधे उन सभी के ऊपर पड़ना शुरू हो चुका है जिनके मुँह खून लग चुका है और जिन्होंने गौ माता के बाद अब सीधे सीधे निशाना बनाना शुरू कर दिया है इंसानों को , हर वो इंसान जो उनसे सम्बन्धित नहीं है , हर वो इंसान जिसे वो पसंद नहीं करते , हर वो इंसान जो उनके बीच में आएगा .. और उन्होंने इसकी शुरुआत सीधे सीधे एक बहुत बड़े अधिकारी के साथ की है वो भी ये दुस्साहसिक हरकत कहीं और नहीं बल्कि सीधे सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के गृह क्षेत्र के ठीक बगल वाले जिले देवरिया में ..

ज्ञात हो की उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटनी नगर पंचायत के चेयरमैन पर जानलेवा हमला किया गया है .. मानवता दिखते हुए व अपना कर्तव्य समझते हुए चेयरमैन जी अपने क्षेत्र में पड़ने वाले नाली विवाद को सुलझाने के लिए गए थे। भटनी कस्बे के हतवा वार्ड निवासी अमानत हिस्ट्रीशीटर अपराधी है वहाँ आये दिन लोगों को डराना और आतंक फैलाना उसका काम है . पिछली सरकार की तुष्टिकरण की नीति के कारण उस कुख्यात अपराधी का सरकारी संरक्षण भी हुआ था और कर्तव्यपरायण पुलिस अधिकारी उस राजनीति के दबाव को झेलते हुए भी अमानत के अपराध से समाज की रक्षा करते रहे । उसी अमानत का उसका अपने बगल के निजामुद्दीन से नाली को लेकर विवाद चल रहा था।

शनिवार की रात  निजामुद्दीन और अमानत दोनों एक बार फिर भिड़ गए और उसके चलते वहां आस पास रह रहे सभ्य समाज में दहशत का माहौल बन गया . जब कमजोर पड़ा तो इसकी जानकारी निजामुद्दीन ने थानेदार और नगर पंचायत के चेयरमैन विजय कुमार गुप्ता को दी। इस सूचना के मिलते ही चेयरमैन मौके पर पहुंचे और अमानत के साथ निजामुद्दीन का बीच बचाव करने लगे। इस दौरान अमानत ने अचानक ही निजामुद्दीन को छोड़ कर चेयरमैन विजय पर ही हमला बोल दिया और उनको क़त्ल करने की नीयत से आगे बढ़ा .. उसने पहले तो चेयरमैन के सिर और चेहरे पर घातक वार किया और हर संभव कोशिश की चेयरमैन को मार देने की …

अमानत पूरे इलाके को कश्मीर जैसा बना देना चाहता जिसके लिए उसने ताबड़तोड़  ईंट पत्थर चलाये गए लेकिन सही समय पर पुलिस पहुंच गयी और उसने हालत को तत्काल संभाला भले ही इसके लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी. एक बढ़ रहे हंगामे को तितर बितर करने के लिए यहाँ पुलिस की सूझबूझ की तारीफ़ करनी होगी की उसने भीड़ में भी इस प्रकार की समझ दिखाई जो किसी निर्दोष को कोई चोट नहीं आयी .जब इस घटना की जानकारी जब स्थानीय लोगों को हुयी तो उन्होंने थाने पर पहुंच कर प्रदर्शन करने के बाद छोटी गंडक नदी पर बने पुल पर रास्ता जाम कर दिया।  व्यापारियों के आंदोलन के कारण भटनी विजयीपुर व भटनी भिंगारी मार्ग पर आवागमन ठप रहा। हमले के विरोध में भटनी कस्बे की काफी दुकानें बंद हैं। एसओ विजय नरायण ने बताया कि अरमान की तलाश जारी है और जल्द ही वो सलाखों के पीछे होगा …

कर्तव्यपरायण थानेदार माने जाने वाले श्री विजय नारायण जी ने इस से पहले अपने क्षेत्र में काफी हद तक अपराध को काबू में रखा है और अपनी स्वच्छ छवि के साथ अपराधियों पर कड़क कार्यवाही के लिए भी जाने जाते हैं . अफ़सोस की कुछ लोग इसी बीच राजनीतिक रोटियां भी सेंकना शुरू कर दिए और अपराधी मुन्ना उर्फ़ अमानत के बजाय पुलिस को दोषी ठहराने लगे जबकि पुलिस ने सूचना मिलते ही कार्यवाही की और एक बड़े हादसे को टाल दिया .. इस मामले में सुदर्शन न्यूज स्थानीय पुलिस के तमाम आक्षेपों व् दबाव के बाद भी अपराध से लड़ने की कटिबद्धता को नमन करता है . 

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