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मुहम्मद इस्लाम के घर फाड़ डाली गई पुलिस वालों की वर्दी.. फिर भी नारा गूंजा कि- “वो डरा हुआ है”

कथित बुद्धिजीवी तथा सेक्यूलर राजनेता व खान मार्केट गैंग एक स्वघोषित निराधार थ्योरी गढ़ती हुई नजर आई है कि देश में मुसलमान डरा हुआ है, मुस्लिमों पर हमले किये जा रहे हैं, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है. इसे लेकर तमाम तरह के कुतर्क गढ़ने की नापाक कोशिशें 2014 से ही की जाती रही हैं. लेकिन इसकी हकीकत क्या है, इसकी बानगी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में उस समय देखने को मिली जब वहां मजहबी उन्मादियों ने पुलिस टीम पर भीषण हमला कर दिया तथा उनकी वर्दी तक फाड़ डाली.

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खबर के मुताबिक़, सूबे के मुजफ्फरनगर जिले के मोहल्ला कमलियान में मुहम्मद इस्लाम के घर गैर जमानती वारंट की तामील कराने पहुंचे कस्बा चौकी इंचार्ज और साथी सिपाही पर जानलेवा हमला कर दिया गया. आरोपियों ने दोनों पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करते हुए उनपर फायरिंग कर दी, जिसमें दोनों बाल-बाल बच गए. इस दौरान आरोपियों ने सिपाही के साथ मारपीट करते हुए उसके वर्दी तक फाड़ दी. आरोपियों ने सिपाही की वर्दी में लगी नेम प्लेट खींच ली और गैर जमानती वारंट भी फाड़ दिया. इस मामले में दस नामजद और 2 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है.

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बताया गया है कि कि मीरापुर मीरापुर कस्बा चौकी इंचार्ज एसआई सतेंद्र नागर, सिपाही विनय कुमार के साथ शनिवार शाम मोहल्ला कमलियान में मोहम्मद इस्लाम के घर गैर जमानती वारंट की तामील कराने पहुंचे थे. मिली जानकारी के मुताबिक, मोहल्ला कमलियान में कुछ दिन पहले किसी बात को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी. इस मामले में एक युवक वांछित चल रहा था. इसी मामले में एसआई सतेंद्र नागर व सिपाही विनय कुमार आरोपी के घर एनबीडब्लू वारंट तामील कराने पहुंचे थे.

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वहां वारंट तामील कराने के दौरान आरोपी युवक ही घर पर मिल गया, जिसे पुलिस ने पकड़कर थाने ले जाने का प्रयास किया. इस पर युवक ने शोर मचा दिया, जिसके बाद घर से निकले लोगों व महिलाओं ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. एसआई ने बताया कि जैसे ही उन्होंने वारंट तामील कराने के लिए कहा, घर के अंदर से महिलाएं और पुरुष बाहर निकल आए और उनके साथ गालीगलौज व हाथापाई करने लगे. इस दौरान हमलावरों ने सिपाही विनय कुमार के साथ मारपीट करते हुए उसकी वर्दी फाड़ दी और नेम प्लेट भी खींच ली. साथ ही दरोगा के हाथ से गैर जमानती वारंट भी छीनकर फाड़ दिया.

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कथित डरे हुए उन्मादी यहीं तक नहीं रुके बल्कि विरोध करने पर दरोगा और सिपाही पर फायरिंग भी कई गई, जिसमें दोनों बाल-बाल बच गये. मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों ने किसी तरह वहां से भागकर जान बचाई. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में इंस्पेक्टर पंकज त्यागी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हमलावरों की तलाश शूरू कर दी, लेकिन आरोपी फरार हो गए. जिसके बाद देर रात एसआई सतेंद्र नागर की तहरीर पर इस्लाम, अहसान और इरफान पुत्र रमजान, फुरकान, नवाजिश और तनवीर पुत्र इरफान, ताहिरा पत्नी अहसान, शाइस्ता पत्नी नईम, शौकीन पुत्र इस्लाम सभी निवासी मोहल्ला कमिलयान और सनव्वर पुत्र शब्बीर निवासी इंचौली मेरठ को नामजद करते हुए दो अज्ञात के खिलाफ भी संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है.

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