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अमरनाथ यात्रा, कांवड़ यात्रा, श्रीरामनवमी शोभायात्रा के बाद अब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव पर उन्मादियों का कहर.. 7 भक्त घायल

मजहबी उन्मादियों द्वारा पहले अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाया था, फिर प्रभु श्रीरामनवमी शोभायात्रा को भी निशाना बनाया जाने लगा. झ्बी उन्मादी यहीं नहीं रुके बल्कि उन्होंने देशभर में तमाम जगहों पर कांवड़ यात्रा पर भी भीषणतम हमले किये. अमरनाथ यात्रा, श्रीरामनवमी शोभायात्रा, कांवड़ यात्रा के बाद मजहबी उन्मादियों ने अब निशाना बनाया है धर्मरक्षक भगवान योगेश्वर श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव “श्रीकृष्ण जन्माष्टमी” पर निकलने वाली पालकी को.

खबर के मुताबिक़, मामला उत्तर प्रदेश के बरेली के थाना देवरनिया क्षेत्र का गाँव मकरी नवादा का है. मकरी नवादा गाँव मुस्लिम बाहुल्य है. 23 अगस्त को लोग कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मना रहे थे. परंपरा स्वरूप दोपहर के समय कृष्ण की झाँकी (शोभायात्रा) निकाले जाने की तैयारी थी, लेकिन जुमे की नमाज़ के चलते झाँकी का समय बढ़ाकर दोपहर 3 बजे रखा गया, ताकि मुस्लिम समुदाय के लोगों को नमाज में कोई परेशानी न हो तथा सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे.

ख़बर के अनुसार, दोपहर 3 बजे जैसे ही शोभायात्रा में शामिल ट्रैक्टर ट्रॉली अपने अंतिम पड़ाव के तहत गाँव के होली चौराहै पर पहुँची, तो मुस्लिम समुदाय ने उस शोभायात्रा को वहीं रोक दिया, और उन्हें वापस जाने को कहा. श्रीकृष्ण भक्तों ने कहा कि नमाज के कारण हमने पालकी शोभायात्रा का समय बढ़ाया तथा नमाज भी हो चुकी है, तब उन्हें क्यों रोका जा रहा है. लेकिन उन्मादी अड़ गये कि किसी भी हालात में यात्रा को नहीं निकलने दिया जाएगा तथा धक्का मुक्की शुरू कर दी.

इसके बाद दोंनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया तथा देखते ही देखती मुस्लिम समुदाय के लोगों ने श्रीकृष्ण की पालकी शोभायात्रा पर कश्मीरी अंदाज में भीषण पत्थरबाजी शुरू कर दी. उन्मादियों ने फरसा तथा अन्य हथियार भी निकाल लिए. इससे शोभायात्रा में शामिल लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे.  इस दौरान हवा में बंदूकें भी लहराई गईं. इस विवाद में विद्याराम, जमुना देवी, विशाल, कुंवरपाल व रोहिताश सहित क़रीब 10 लोगों के घायल होने की ख़बर है. घटना की जानकारी मिलते ही तहसील के चार थानों की पुलिस घटना-स्थल पर पहुँच गई.

मौक़े पर पहुँची पुलिस ने उपद्रवियों को धमका कर उन्हें अपने-अपने घर जाने को कहा, जब जाकर हालात पर क़ाबू पाया जा सका. सभी घायलों को एम्बूलेंस से अस्पताल भेजा गया. स्थिति और न बिगड़े, ये देखते हुए एसपी ग्रामीण, सीओ और एसडीएम ने भी गाँव में डेरा डाल दिया, साथ ही क्षेत्र में भारी तनाव को देखते हुआ पीएसी की तैनाती भी कर दी गई.

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