दरगाह ब्लास्ट मामले में बांग्लादेश ने जिहाद अल इस्लामी के प्रमुख को दी फांसी की सजा

ढाका : बांग्लादेश की दरगाह पर वर्ष 2004 में हुए हमला के मामले में प्रतिबंधित हरकत उल जिहाद अल इस्लामी के प्रमुख मुफ्ती अब्दुल हन्नान और उसके दो सहयोगियों को बुधवार रात 10 बजकर एक मिनट पर फांसी पर लटका दिया गाया। आपको बता दें कि 2004 में हुए हमलें में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी और 70 अन्य घायल हो गए थे। 
यह हमला सिलहट में हजरत शाह जलाल की दरगाह पर ग्रेनेड से किया गया था। हूजी के एक और आतंकी दिलावर हुसैन को सिलहट जेल में सूली पर लटकाया गया। वहीं, एक निजी चैलन ने गृह मंत्री असदुज्जमन खान के हवाले से बताया कि हन्नान को उसके सहयोगी शरीफ शाहेदुल उर्फ बिपुल के साथ काशिपुर जेल में रात को फांसी पर लटका दिया गया है। 
इसके बाद शव को कड़ी सुरक्षा के बीच उनके गावों में भेजा जाएगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 मार्च को हन्नान और उसके दो सहयोगियों को ब्रिटिश उच्चायुक्त पर हमले के मामले में फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद ने उनकी दया याचिका ठुकरा दी थी।
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