बिहार पुलिस ने दिया जवाब कि वो क्यों बना रहे हैं हिन्दू संगठनों की लिस्ट ?

बिहार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा उससे जुड़े संगठनों की निगरानी का मामला सामने आने के बाद देश का हिन्दू समाज आक्रोशित हो उठा है. जैसे ही ये खबर वायरल हुई कि बिहार सरकार हिन्दू आरएसएस व अन्य हिन्दू संगठनों की निगरानी कर रही है, न सिर्फ बिहार बल्कि देश की सियासत गरमा गई तथा हिन्दू समाज आक्रोशित हो उठा. खुद बीजेपी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना की तथा उनको आईना दिखाया. मामला तूल पकड़ने के बाद अब बिहार पुलिस ने बताया है कि आखिर क्यों हिन्दू संगठनों की लिस्ट बनाई गई है.

अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) जे एस गंगवार ने बुधवार को कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों के पदाधिकारियों की जानकारियां जुटाई जा रही थी. गंगवार ने सफाई देते हुए कहा, “आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा आदेश निर्गत हुआ है. उसकी जानकारी किसी भी अन्य वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग को नहीं थी.” बता दें कि बिहार पुलिस की विशेष शाखा (स्पेशल ब्रांच) के एक अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके अनुषांगिक संगठनों और उसके अधिकारियों की जानकारी इकट्ठा करने का आदेश दिया गया था.

उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने अपने ही स्तर से पत्र भेजकर समान्य सूचना और जानकारी मांगी है. उन्होंने हालांकि कहा कि जिस तरह यह पत्र निर्गत किया गया, उसकी जांच कराई जाएगी. एडीजी ने कहा, “विशेष शाखा को विभिन्न स्रोत से इनपुट मिलती रहती है. सुरक्षा के संबंध में लगातार सूचनाएं भी प्राप्त होती हैं जिसके आधार पर विशेष शाखा काम करती है.” विशेष शाखा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके अनुषांगिक संगठनों और उसके अधिकारियों की जानकारी इकट्ठा करने का फरमान जारी किया है. यह आदेश इस साल 28 मई को विशेष शाखा ने सभी क्षेत्रीय पुलिस उपाधीक्षक, विशेष शाखा और सभी जिला विशेष शाखा के पदाधिकारी को जारी किया गया है.

इस आदेश में इन संगठनों के पदाधिकारियों का नाम और पते की जानकारी इकट्ठा कर एक सप्ताह में मांगा गया है. इस आदेश पत्र में ‘इसे अतिआवश्यक’ बताया गया है. विशेष शाखा की ओर से जारी आदेश में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस), विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जागरण समिति, धर्म जागरण समन्वय समिति, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, हिंदू राष्ट्र सेना, राष्ट्रीय सेविका समिति, शिक्षा भारती, दुर्गा वाहिनी, स्वेदशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय रेलवे संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ, हिंदू महासभा, हिंदू युवा वाहिनी, हिंदू पुत्र संगठन के पदाधिकारियों का नाम और पता मांगा गया है.

इस आदेश पत्र के सार्वजनिक हो जाने के बाद से बिहार की सियासत में भूचाल आ गया है. न सिर्फ हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता बल्कि खुद बीजेपी नेता भी इस आदेश के बाद भड़क उठे तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिकता पर सवाल खड़े कर दिए. इसके बाद बिहार पुलिस ने अपनी सफाई पेश की है. वहीं सूत्रों का कहना है कि बिहार के गृह विभाग ने विशेष शाखा को इस आदेश के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें पूछा गया है कि आखिर ऐसे पत्रों को जारी करने की जरूरत क्यों पड़ी

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