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मूर्ति की पूजा हराम है लेकिन मूर्ति की चोरी? अनारुल हक़ के कुकर्म से बिहार में तनाव

वो कहते हैं कि उनके यहां मूर्ति पूजा हराम है. वो ये भी कहते हैं कि उनके लिए मूर्ति पूजक काफिर होता है. लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि मूर्ति पूजा को हराम बताने वाले लोग मंदिरों से मूर्ति चोरी करने को हराम नहीं मानते, मूर्ति चोरी करके बेचकर पैसा इकट्ठा करने को भी वो हराम नहीं मानते हैं. आये दिन देश में कहीं न कहीं से मूर्ति चोरी की घटनाएं सामने आती रहती हैं. कुछ दिनों पहले भी बिहार के समस्तीपुर जिले के एक मंदिर से अष्टधातु को मूर्तियां चोरी हुईं थीं. लेकिन अब जानकारी मिली है कि समस्तीपुर जिले के सरायरंजन थाने के नरघोघी स्थित रामजानकी मंदिर से लूटी गई भगवान की मूर्तियां पुलिस ने पूर्णिया जिले से बरामद कर ली गई हैं. लूट की घटना के बाद से ही पुलिस मूर्ति बरामद करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी. इसी क्रम में पुलिस ने पूर्णिया में की गई छापेमारी में लूटी गई मूर्तियां बरामद करने में सफलता हासिल की.

खबर के मुताबिक, समस्तीपुर जिला के सरायरंजन थानाध्यक्ष अमित कुमार सोमवार को पूर्णिया आये थे. सदर थाना पुलिस के सहयोग से सदर थाना क्षेत्र के बसन्तपुर गाँव से ऐनुल हक के 40 वर्षीय पुत्र मो अनारूल हक के घर पर छापेमारी की, जहाँ से लूटी गई मूर्ति बरामद की गई. जिनमें दो मूर्ति को जमीन के अंदर और 12 मूर्ति को उनके घर से बरामद किया गया. बताया जाता है कि पुलिस ने मूर्तियां बरामद करने के साथ ही कुछ अपराधियो को भी दबोचा है जिसे गिरफ्तार कर समस्तीपुर पुलिस अपने साथ ले गई है. सर्वविदित हो कि समस्तीपुर जिले के सरायरंजन थाना क्षेत्र में रामजानकी मंदिर में सुरक्षा के लिए तैनात होमगार्ड के जवानों को बंधक बना कर अपराधियों ने मंदिर से 14 मूर्तियां लूटी थी. जिसमे 20- 20 किलो के सोने की 2 मूर्ति भी थीं. मूर्तियों की कीमत करीब 40 करोड़ के आसपास आंकी जा रही है, जिसमें भगवान श्रीराम ( 80 किलो), श्रीकृष्ण ( 85 किलो), इसके अलावा राधा आदि कि बारह मूर्तियां अष्टधातु की थीं। जबकि, लक्ष्मण ( 45 किलो) और जानकी (20 किलो) की मूर्तियां करीब चालीस किलो सोने की थीं. मूर्तियों के सिर पर चांदी के मुकुट थे.

मंदिर से मूर्तियों की लूट की घटना को लेकर एसपी ने एसटीएफ का गठन किया था. पुलिस ने मठ के महंथ बजरंग दास समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी. उसी की निशानदेही पर इस मामले का उद्भेदन हो पाया. एसपी दीपक रंजन ने इस घटना में शामिल सभी अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लेने का दावा किया और सदर डीएसपी मो. तनवीर अहमद के नेतृत्व में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी. वहीं एसपी दीपक रंजन जांच और छापेमारी की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे. रविवार को डीआईजी ने भी रामजानकी मंदिर का दौरा कर लूट की घटना का जायजा लिया था. मंदिर का निर्माण 400 वर्ष पूर्व रामलाल दास ने करवाया था. इस से पूर्व भी यहाँ से करोड़ों रूपये मूल्य की मूर्ति चोरी हो चुकी है. जिसके बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर खतरा उत्पन्न होने के बाद बिहार के धार्मिक न्यास बोर्ड द्वारा इसे अपने कब्जे में लेकर 11 सदस्यीय कमेटी बना दी थी.

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