बिहार को मिल सकता है नया DGP. जनता की पहली पसंद बन उभर रहे बेदाग़, लोकप्रिय, न्यायप्रिय व् कर्तव्यनिष्ठ DG गुप्तेश्वर पाण्डेय

लालूराज में बनाई गयी जंगलराज की छवि से तेजी से बाहर निकल रहे और नितीश कुमार व् सुशील मोदी के निर्देशन में पटरी पर आ रही कानून व्यवस्था की संरक्षक बिहार पुलिस को अगले वर्ष अर्थात २०१८ में नया सेनापति  मिल सकता है .नये साल में बिहार के मुख्य सचिव अंजनी सिंह और डीजीपी पी के ठाकुर सहित कई आलाअधिकारी सेवानिवृत हो रहे हैं। बिहार की पुलिस पिछले समय में कई बार आलोचकों के निशाने पर रही यद्दपि उसने आतंकवाद , नक्सलवाद और अपराध का जम कर मुकाबला बेहद सीमित संसाधन और भारी दबाव होने के बाद भी साहस से किया है .

ऐसे में तेजी से सुधर रहे कानून व्यवस्था और अपराध के दमन के लिए बिहार शासन को तलाश है एक ऐसे योग्य अधिकारी की जो वहाँ के प्रशासन को न सिर्फ बेहद चुस्त दुरुस्त कर सके अपितु अपने विभाग में भी एक संयमित, संतुलित , न्यायप्रिय , कर्तव्यनिष्ठ और लोकप्रिय के लिए भी जाना जाता हो और इस रेस में बिहार पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारीयों में सबसे आगे माने जा रहे हैं वर्तमान DG श्री गुप्तेश्वर पाण्डेय जी .  श्री पांडेय भारतीय पुलिस सेवा के 1987 बैच के पदाधिकारी हैं जिन्होंने कभी भी तरक्की आदि को आधार बना कर कार्य नहीं किया बल्कि निस्वार्थ भाव से जनता के बीच कानून का राज कायम रखा . 

शासन किसी का भी रहा हो श्री गुप्तेश्वर पाण्डेय ने समरूपता दिखाई और न्याय और नीति को ही सर्वोपरि रखा . अपने पुराने काल में कई अनसुलझे मामलो को सुलझाने वाले और तमाम साहसिक कार्य करने वाले श्री पाण्डेय न सिर्फ अपने विभाग में ही काफी लोकप्रिय हैं अपितु आम जनमानस में भी काफी सम्मानित रूप से चर्चित रहते हैं .  बेगूसराय और जहानाबाद में एसपी के रूप में उनका कार्यकाल आज भी लोग याद करते हैं.  . सुदर्शन न्यूज़ ने जमीनी स्तर पर जाँची गयी अपनी रिपोर्ट में पाया कि अन्य के बजाय श्री पाण्डेय की वर्षों पहले तैनाती वाले स्थलों में आज भी इनकी चर्चा होती रहती है जो इनकी जनस्वीकार्यता को भी दर्शाता है . अभी हाल ही में कटिहार में फैले तनाव को बेहद संयमित तरीके और शान्तिपूर्व ढंग से निबटाने में श्री पाण्डेय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी . इसके अलावा इन्होने डुमराव में बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल की यूनिट शाखा खुलने की घोषणा की थी . 

बिहार पुलिस के समक्ष जनता से सीधे जुड़ने और उनमे पुलिस के प्रति विश्वास जगाने की भी तमाम चुनौतियां हैं जिसके लिए ऐसा को अधिकारी जरूरी भी है जो न सिर्फ अपने विहाग को बेहतर सेनापतित्व दे सके अपितु जनता से भी पुलिस का सीधा संवाद स्थापित कर के उनमे पुलिस मित्र की भावना को जगा सके . ऐसे में श्री पाण्डेय की दावेदारी और अधिक प्रबल होती है . यद्दपि इस रेस में और भी कई अफसर हैं जिन्होंने बिहार के कानून व्यवस्था के लिए जी जान लगा कर कार्य किया है . बिहार के डीजीपी पीके ठाकुर भी अगले साल 28 फरवरी को सेवानिवृत हो रहे हैं। डीजी रैंक में कई अधिकारी नये डीजीपी की रेस में हैं। इनमें रविन्द्र कुमार, सुनील कुमार, गुप्तेश्वर पांडेय, राजेश रंजन मुख्य रूप से है लेकिन रविन्द्र कुमार की चर्चा सबसे ज्यादा है। यद्दपि अंतिम फैसला नीतीश कुमार और सुशील मोदी द्वारा संचालित सरकार द्वारा ही लिया जाएगा परन्तु यदि जमीनी और जनस्तरीय आंकड़े जुटाएं जाएँ तो जनता की पहली मांग श्री गुप्तेश्वर पाण्डेय जी ही होंगे … 

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