दिल्ली में हार के बाद बिहार में तकरार..कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आपस में चले लात घूंसे, फाड़े एक दूसरे के कपड़े

जिस विश्वास के साथ कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई थी वो विश्वास उस समय तार-२ हो गया जब मोदी सरकार ने दो तिहाई बहुमत से विश्वास मत हासिल कर लिया. इधर दिल्ली में लोकसभा भवन में कांग्रेस पार्टी की हार हुई तो उधर बिहार में कांग्रेस पार्टी में तकरार शुरू हो गई. तकरार भी ऐसी जैसे गली के गुंडों की बीच होती है. आये थे संगठन विस्तार पर चर्चा करने लेकिन शुरू हो गई आपस में ही जूतमपैजार मारपीट..स्थिति ये हो गई कि वरिष्ठ नेताओं को बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बाहर निकाला गया.

मामला बिहार के भागलपुर जिले का है जहाँ स्थानीय ऐतिहासिक कांग्रेस भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अंदर का गुबार इस तरह भड़का कि एक बार फिर लोगों को इसी भवन में 21 मई, 2012 के दिन की घटना याद आ गयी. जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं का सम्मेलन शुक्रवार को था. इसमें जब विधायक अजीत शर्मा और प्रवीण सिंह कुशवाहा गुट के कार्यकर्ता इस तरह आपस में भिड़ गये कि यह भी याद नहीं रहा कि सम्मेलन में लोकसभा चुनाव की तैयारी पर मंथन करना है. इतना लिहाज भी नहीं रखा गया कि बिहार प्रभारी वीरेंद्र सिंह राठौर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं. महज 20 मिनट चले हंगामे में स्थिति इतनी बिगड़ गयी कि किसी ने किसी की कमीज फाड़ी, तो किसी ने किसी का कॉलर तक पकड़ लिया. ज्ञात हो कि इसी भवन में वर्ष 2012 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ता इसी तरह भिड़ गये थे.

आपको बता दें कि कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में जिले भर के पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ता का जुटान हुआ था. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिव सह प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र सिंह राठौर कांग्रेस भवन पहुंचे और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. लेकिन जब भाषणवाजी शुरू हुई तो हुआ इसका अंदाजा भी नहीं था. कांग्रेस भवन में चल रहे सम्मेलन में पहले नारेबाजी कर अपने-अपने नेताओं की ताकत का प्रदर्शन किया और जब इससे मन नहीं भरा तो भिड़ गए. करीब 20 मिनट तक धक्का- मुक्की की गई. एक-दूसरे पर हाथ उठाया गया, कपडे फाड़ डाले, जूतमपैजार हुई. संगठन विस्तार तथा चुनावी तैयारियों के जायजे का कार्यक्रम युद्ध क्षेत्र में बदल गया, इससे भगदड़ मच गई. स्थिति ये हो गई कि विधायक सदानंद बेसुध हो गए. इसके बाद पुलिस की मदद से प्रदेश प्रभारी राठौर, विधायक सदानंद सिंह, अजीत शर्मा को सुरक्षित निकाला गया, जिसके बाद कार्यक्रम ख़त्म कर दिया गया.

Share This Post

Leave a Reply