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इसे भी घोषित करने वाले थे “मॉब लिंचिंग” जिसमें दरिंदे शाजिद अहमद से कक्षा 6 की मासूम को बचाने के लिए जमा हो गए थे कई लोग.. जानें फिर क्या हुआ ?

देशभर में मॉब लिंचिंग की चर्चा जोरों पर है. सारे राजनैतिक दल मोदी सरकार पर मॉब लिंचिंग को लेकर हमलावर हैं तथा उनका कहना है कि मॉब लिंचिंग की आड़ में समुदाय विशेष(मुस्लिम) के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, उनकी हत्या की जा रही है. इसका कारण जानने के बजाय कि आखिर ये क्यों हो रहा है, हिन्दू समुदाय पर इसका आरोप लगाया जा रहा है. मॉब लिंचिंग अर्थात आक्रोशित भीड़ द्वारा किसी के साथ मारपीट करना. ऐसा ही एक मामला बिहार के आरा जिले से सामने आया है जहां ग्रामीणों ने छात्रा के साथ छेड़खानी करने वाले एक शिक्षक के साथ मारपीट की जिसे मॉब लिंचिंग नाम देने की कोशिश की गई.

मामला बिहार के आरा जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र का है. खबर के मुताबिक, आरा जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के मलथर गांव में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय है. विद्यालय में एक शिक्षक शाजिद अहमद पढ़ाता है. शाजिद अहमद ने कक्षा 6 में पढ़ने वाली मासूम छात्रा के छेड़खानी की तथा बर्बरता करने का प्रयास किया. छात्रा जब अपने घर पहुंची तो उसने अपने परिजनों को शिक्षक के रूप में हैवान शाजिद अहमद की करतूत बताई. जिसके बाद बच्ची के परिजनों के साथ अन्य ग्रामीण स्कूल पहुंचे तथा शिक्षक से इस बारे में बात की तो उल्टे शिक्षक ने अभद्रता शुरू कर दी. इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शाजिद अहमद की पिटाई कर दी. शाजिद अहमद की पिटाई के बाद उसके साथियों ने इस घटना को मॉब लिंचिंग का नाम देकर पुलिस में शिकायत कर दी तथा कहा कि मजहब के आधार उसे निशाना बनाया गया तथा उसकी पिटाई की गई है.

ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त शिक्षक द्वारा बच्चियों के साथ अक्सर अश्लील हरकतें करने की शिकायत मिलती है जिसके बारे में स्कूल प्रबंधक को पता भी है लेकिन इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई. इस मामले पर पीड़ित छात्रा ने बताया कि मैं स्कूल में शौच करने गयी थी. कक्षा में लौटने पर उक्त शिक्षक ने मेरा हाथ पकड़ लिया तथा अश्लील हरकत करने लगे. मेरे विरोध करने पर शिक्षक ने धमकी दी कि किसी को बताया तो इसका अंजाम बुरा होगा. इस मामले में शिक्षक के रूप में हैवान शाजिद अहमद द्वारा नेपाली सिंह, चिंटू कुमार और दीपक कुमार सहित कुल 6 को नामजद बनाया है. दूसरी ओर ग्रामीणों का शिक्षक को तत्काल गिरफ्तार किया जाए. थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

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