बिहार के शासन का दबाव तो नहीं था कि जिलाधिकारी को करनी पड़ी आत्महत्या??

हादसों का कोई भरोसा नहीं होता है कभी भी किसी के साथ हो जाते है। ऐसा ही एक हादसा हुआ बिहार के बक्सर ज़िले के ज़िलाधिकारी मुकेश पांडे के साथ जिसमे उनकी सांसे हमेशा हमेशा के लिए थम गयी। बताया जा रहा है कि मुकेश पांडे ने इसी महीने की चार तारीख़ को बक्सर के डीएम का पद संभाला था। पद संभाले ज्यादा वक्त भी नहीं हुआ था कि उनकी मौत की खबर ने सबको चौका दिया।

27 अगस्त को नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नई सरकार ने प्रशासनिक स्तर का पहला बड़ा फेरबदल 31 अगस्त को किया था और इसी दिन मुकेश को ज़िलाधिकारी पद की जिम्मेदारी ली थी। गुरूवार को मुकेश पांडे का शव उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद के रेलवे ट्रैक पर मिला। रेलवे पुलिस को शव मिलने की जानकारी दी गयी। सुचना मिलते ही रेलवे पुलिस ने 2012 बैच के आईएएस अधिकारी मुकेश पांडे की मौत की पुष्टि की है। रेलवे पुलिस के डिप्टी एसपी रणधीर सिंह ने बताया कि मुकेश पांडे का शव कटी हुई अवस्था में रेलवे ट्रैक पर मिला है।
वहीं, सूत्रों के मुताबिक गाज़ियाबाद की डीएम मोकाये वारदात पर शव के पास है और एफएसएल की टीम भी जांच कर रही है। मौके पर मौजूद गाज़ियाबाद की डीएम मिनिस्टी नायर ने बताया कि हमें एक सुसाइड नोट भी मिला है जो अंग्रेज़ी में है और जिसमें जीवन की बिडंबनाओं की बात की गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने अब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं किया है। इस केस की कार्यवाही जारी है बहुत जल्द ही मुकेश की मौत का खुलासा किया जाएगा। 
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