बंगाल के निकाय चुनावों में साफ़ हुई तृणमूल कांग्रेस… प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से बीजेपी की 26-0 से जीत

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की जमीन खिसकती जा रही है तथा भारतीय जनता पार्टी राज्य में लगातार मजबूत होती जा रही है. इसका सबसे बड़ा उदहारण 23 मई को उस समय देखने को मिला था जब लोकसभा चुनावों की मतगणना हुई तथा बीजेपी ने सभी राजनैतिक विश्लेषकों को चौंकाते हुए राज्य में 18 सीटें जीत ली. राज्य में बीजेपी की ये सफलता चौंकाने वाली इसलिए थी क्योंकि 2014 के चुनाव में बीजेपी बंगाल में मात्र 2 सीटें जीत पाई थी.

लोकसभा चुनावों से शुरू हुई बीजेपी की लहर पश्चिम बंगाल में थमने का नाम नहीं ले रही है. अब नगरीय निकाय के चुनावों में भी बीजेपी ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को झटके पर झटका दे रही है. मंगलवार को भाटपारा के निकाय चुनाव हुए. यहां पर तो बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस का सफाया ही कर दिया. पूरी नगरपालिका में ममता बनर्जी की पार्टी का एक भी उम्‍मीदवार नहीं जीता. यहां 26 में से 26 उम्‍मीदवार बीजेपी के जीतकर आए.

सौरव सिंह बीजेपी के नए चेयरमैन चुने गए. लोकसभा चुनाव के बाद से ही भाटपारा नगरपालिका पर कब्‍जे को लेकर बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच जमकर उठापटक चल रही थी. लेकिन चुनाव के बाद आए नतीजों में तृणमूल कांग्रेस औंधे मुंह गिरी है. अब तक बीजेपी ने पश्‍च‍िम बंगाल कोई भी नगर पालिका पर कब्‍जा नहीं जमाया है. ये पहली नगर पालिका है, जहां बीजेपी ने कब्‍जा जमाया है. यहां के बैरकपुर क्षेत्र से बीजेपी के टिकट पर अर्जुन सिंह जीतकर संसद पहुंचे हैं. उन्‍होंने बैरकपुर में 3 बार के सांसद दिनेश त्रिवेदी को हराकर बीजेपी को जीत दिलाई है.

पश्‍च‍िम बंगाल में लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 42 सीटों में से 18 सीट मिली थीं. 2014 में बीजेपी को बंगाल में सिर्फ 2 सीटों पर जीत मिली थी. लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने तृणमूल को बड़ा झटका दे दिया. तृणमूल के साथ साथ सीपीएम के हिस्‍से से भी सीटें लेते हुए बीजेपी ने 18 सीटों पर अपना कब्‍जा जमाया है. इतना ही नहीं लोकसभा चुनावों के साथ हुए 4 सीटों के उपचुनावों में भी बीजेपी ने जीत हासिल की.

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