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जिस बिप्लब देव के बयान का बनाया जा रहा था मजाक उन्होंने सूपड़ा साफ़ किया वामपंथ का… पंचायत चुनावों में त्रिपुरा में लहराया भगवा

फरवरी में हुए त्रिपुरा के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने विशाल बहुमत से जीत हासिल की थी तथा वामपंथ को उखाड़ फेंका था व बिप्लब कुमार देव मुख्यमंत्री बने थे. मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही बिप्लब कुमार देब का उनके बयानों को लेकर मजाक बनाया जाता रहा लेकिन इससे बेपरवाह बिप्लब कुमार देब ने अपने आलोचकों का न सिर्फ मुंह बंद किया है बल्कि एक बार पुनः त्रिपुरा में वामपन्थ का सूपड़ा साफ़ करते हुए भगवा विजय हासिल की है.

आपको बता दें कि त्रिपुरा में पंचायत उपचुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा ने ग्राम पंचायत की 130 सीटों में से 113 सीटें जीत ली हैं. प्रदेश के निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) जी के राव ने बुधवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भाजपा पंचायत समिति की सात में से पांच सीटों पर विजयी हुई. त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है. बीजेपी ने त्रिपुरा में इसी साल हुए विधान सभा चुनावों में करीब ढाई दशकों से सत्ता में काबिजल कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) को सत्ता से बाहर कर दिया था. त्रिपुरा की कुल 60 विधान सभा सीटों में से 44 पर जीत हासिल करके बीजेपी ने सरकार बनायी थी. बिप्लब कुमार देब राज्य के मुख्यमंत्री बने थे.

एसईसी ने बताया कि भाजपा की सहयोगी पार्टी इंडीजीनियस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने ग्राम पंचायत की नौ सीटों पर कामयाबी हासिल की. विपक्षी कांग्रेस और माकपा ने ग्राम पंचायत की चार-चार सीटों पर सफलता पायी.  ग्राम पंचायत की 132 सीटों और पंचायत समिति की सात सीटों के लिए उपचुनाव 30 सितंबर को हुआ था. प्रदेश चुनाव आयुक्त ने एक सितंबर को ग्राम पंचायत की 3207 सीटें, पंचायत समिति की 161 सीटें और जिला परिषद की 18 सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा की थी. पंचायत चुनावों में भाजपा की एकतरफा जीत तथा वामदलों के सूपड़ा साफ़ होने से साफ़ है कि त्रिपुरा में अब वामपंथ की कोई जगह नहीं है तथा फिलहाल राज्य की जनता को बिप्लब कुमार देब का नेतृत्व पूरी तरह से स्वीकार है.

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