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तुष्टीकरण की नीति ने तोड़ा दम.. सम्मानित किये गये वो जवान जिन्होंने बचाया था लोकतंत्र का मान

उपद्रवियों की कोशिश थी कि किसी तरह माहौल को तनावग्रस्त बनाया जाए ताकि कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किये जा सकें, सरकार पर निशाना साधा जा सके या शायद वो जनता के मूड को भांप गये थे कि जनता उसे वोट नहीं कर रही है, जिसे वह चाहते हैं. उसके बाद उन्होंने गुंडागर्दी के दम पर फर्जी वोटिंग करने की कोशिश की..यद्यपि वो स्वयं को संविधान का कथित हितैषी भी कहते हैं लेकिन फिर भी फर्जी वोटिंग करने पर आमादा थे. लेकिन शायद वो भूल गये थे कि वहां पर संविधान तथा लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए BSF के जवान भी मौजूद थे. BSF के जवानों ने उपद्रवियों को खदेड़ दिया तथा उनके नापाक मंसूबों को असफल कर दिया. अब उन BSF के जवानों का सम्मान किया गया है.

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मामला उत्तर प्रदेश के शामली के कांधला थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर गुजरान का है जहाँ 11 अप्रैल को प्राथमिक विद्यालय नंबर एक मतदान केंद्र के बूथ संख्या 170 और 171 पर मतदान चल रहा था. शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान के लिए केंद्र पर पुलिस के साथ बीएसएफ मथुरा के चार जवान भी तैनात किए गए थे. आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने पोलिंग पार्टी पर बिना पहचान पत्र के ही मतदान कराने का दबाव बनाया. इस दौरान भीड़ हंगामा करते हुए मतदान केंद्र में घुस गई थी.

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बीएसएफ के जवानों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वे नहीं माने और सरकारी कागजात को नष्ट करने की कोशिश की थी. फर्जी वोटिंग के प्रयास का आरोप भीम आर्मी के कथित कार्यकर्ताओं पर लगा था. इसके बाद लोकतंत्र का मान बचाने के लिए BSF के जवानों ने मोर्चा संभाला तथा हवाई फायरिंग करते हुए लोकतंत्र का हनन करने आये उपद्रवियों को खदेड़ दिया. एसपी अजय कुमार ने बताया कि बीएसएफ के जवानों ने अदम्य साहस और ईमानदारी का परिचय देते हुए मतदान की सुचिता को भंग नहीं होने दिया और शरारती तत्वों को मतदान केंद्र से खदेड़ दिया.

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उन्होंने कहा कि BSF के जवानों ने जिस साहस तथा सूझबूझ से स्थिति को संभाला, वह काबिलेतारीफ है. इसके लिए बीएसफ के हेड कांस्टेबल कृष्ण चंद, कांस्टेबल जगदीश असवाल, कांस्टेबल अनुज कुमार और कांस्टेबल लोकेश कुमार को पांच-पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. इस अवसर पर बीएसएफ बटालियन के सेनानायक वीरेंद्र दत्ता मौजूद रहे.

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