सेना पर पथराव करने वाली कैसे बन गई फुटबाल टीम की कप्तान ? किस ने दी उसे ये जिम्मेदारी

कश्मीर के हालात किसी से छिपे नहीं है। आए दिन कश्मीर में आतंकी हमलो से हर कोई वाकिफ है जिससे सेना हर कोशिश कर ऑपरेशन्स जारी कर के उन का

खात्मा करने में लगी हुई है। इसके बावजूद भी आतंकी सीमा के जरिए घुसपैठ करने से बाज़ नहीं आ रहे है। इसी कारण यह आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर के

स्थानिय युवकों को प्रलोभन देकर सेना के खिलाफ खड़ा कर दिया जाता है। ऐसे मामले सामने आए जिसमें आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कश्मीरी युवकों

और युवतियों ने सेना पर पत्थरबाजी किए, ऐसे में कई बार सेना को असफल भी होना पड़ा।

उनमे से एक युवती अफशां आशिक आज जम्मू कश्मीर महिला

फुटबॉल टीम की कप्तान बन गई हैं।

इस जीत के बाद यह युवती ने केंद्रीय ग्रह मंत्री से भी मुलाकात की जिसमे उसने कश्मीर के हालातों का जिक्र किया और कई मांगे भी रखी थी। बता दें 21 साल

की अफशां ने बीते दिन केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और राज्य में खिलाड़ियों के सामने आने वाली परेशानियों से उन्हें अवगत कराया और मदद

की गुहार लगायी।

अफशां ने कहा कि वह अब ‘वापस मुड़कर’ नहीं देखना चाहतीं है। यह बातचीत करीब आधे घंटे तक चली जिसके बाद गृहमंत्री से कहा कि अगर

जम्मू कश्मीर में उचित खेल आधारभूत ढांचा तैयार किया जाता है तो युवा आतंकवाद और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से इतर अपने कौशल को निखार कर राज्य

का नाम उंचा करेंगे।

यह मांग करने के बाद अफशां ने मीडिया से भी बातचीत की जिसके बाद उसने बताया की बात चीत के दौरान ग्रह मंत्री ने तुरंत ही सीएम महबूबा मुफ्ती से फोन

पर बात की और जरूरी मदद करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विशेष पैकेज के तहत राज्य के लिये पहले ही 100 करोड़ रुपये आवंटित कर

दिए गए हैं।

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