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मऊ में पीएम की रैली पर आतंकी साया, काफिले पर रॉकेट लॉन्चर या विस्फोटक भरे वाहन से हो सकता है हमला

मऊ : मऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 27 फरवरी को होने वाली रैली पर आतंकी साया मंडरा रहा है। खुफिया एंजेंसियों को ये इनपुट मिला है कि आज मऊ में होने वाली पीएम मोदी की रैली पर आतंकी हमला हो सकता है। यूपी पुलिस को भेजे इनपुट में एजेंसियों ने कहा है कि प्रधानमंत्री के काफिले पर रॉकेट लांचर या विस्फोटक भरे वाहन से हमला किया जा सकता है। 
जिसके बाद से ही मऊ पुलिस हाई अलर्ट पर आ गई है। बता दें कि पीएम कल छठे चरण कै मतदान से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश में चुनावी सभा करने मऊ आ रहे हैं। मऊ के एसएसपी रविंद्र सिंह ने बताया कि जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि पीएम मोदी के काफिले पर रॉकेट लांचर से हमला हो सकता है। 
साथ ही कहा कि पिछले कुछ सालों में लश्कर-ए-तोएबा और आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठनों से सम्बन्धित कुछ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया था, फिर भी वर्तमान में इन क्षेत्रों में ऐसे लोंगो की उपस्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता है। अधिकारियों को संदेह है कि पीएम मोदी को गुजरात के पूर्व गृह मंत्री के फरार हत्यारों से भी खतरा है। 
पुलिस ने बताया कि रसूलपती और उसके दो सहयोगी जो पाकिस्तान में बैठे है वह प्रधानमंत्री के काफिले पर रॉकेट लांचर से या विस्फोटक से हमला करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे इनपुट पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी जाती है। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। थल से नभ तक सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। 
सुरक्षा को लेकर प्रशासन, वायुसेना के अधिकारी व एसपीजी के जवान पूरे दिन सक्रिय हैं। एसएसपी ने बताया कि जनपद साम्प्रदायिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत सिंह चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के काफिले पर हमले की आशंका की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। 
उन्होंने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक ने जो भी कहा है, वह रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए पुलिसकर्मियों को हर तरह के खतरों से आगाह करने की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। गौरतलब है कि यूपी में चुनाव प्रचार जारी है। 
सपा-बसपा-कांग्रेस और बीजेपी के बीच नोकझोंक का दौर जारी है। पीएम मोदी अखिलेश यादव सरकार पर काम न करने को लेकर लगातार हमले कर रहे हैं, वहीं अखिलेश यादव अपने विकास से जुड़े कामों पर ही वोट मांग रहे हैं। ये तो वक्त बताएगा कि यूपी की कुर्सी किसके हाथ जाती है।  
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