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काम अच्छा नहीं तो हटाएं जाएं सांसद-विधायक : वरुण गांधी

नई दिल्ली : बीजेपी सांसद वरुण गांधी संसद में ऐसा बिल पेश करने जा रहे हैं जो काम ना करने वाले सांसदों-विधायकों के लिए मुसीबत का सबक बन सकता है। अगर यह बिल संसद में पास हो गया तो जनता को अपने प्रतिनिधियों के काम से खुश नहीं होने पर निर्वाचन के दो साल बाद बुलाने का अधिकार होगा।

वरुण का कहना है कि दुनिया के कई देशों में राइट टू रिकॉल कांसेप्ट लागू हो चुका है और भारत में ये लागू होना चाहिए। आपको बता दें कि लोकसभा में वरुण गांधी के निजी विधेयक पर विचार किया जाएगा जिसमें यह प्रस्ताव किया गया है कि किसी क्षेत्र के 75 प्रतिशत मतदाता अगर अपने सांसद और विधायक के काम से संतुष्ट नहीं हैं तो उन्हें निर्वाचन के दो साल बाद वापस बुलाया जा सकता है।

वरुण गांधी ने कहा कि तर्क और न्याय की जरुरत के तहत अगर लोगों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार है तो अपने कर्तव्य निभाने में असफल होने वाले प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार भी जनता के पास होना चाहिए। वहीं, वरुण गांधी के इस प्रस्तावित प्राइवेट मेंबर बिल के मुताबिक चुनाव आयोग हस्ताक्षरों की पुष्टि करेगा और सांसद या विधायक के क्षेत्र में 10 जगहों पर मतदान कराएगा।

अगर जन प्रतिनिधि को वापस बुलाने के लिए तीन चौथाई मत पड़े तो सांसद-विधायक को वापस बुलाया जाएगा। नतीजा आने के 24 घंटे के भीतर स्पीकर इसकी सार्वजनिक अधिसूचना जारी कर देंगे और चुनाव आयोग खाली सीट पर उपचुनाव कराए।   

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