गौ माता का मांस ही था सलीम के पास जिसके मुद्दे को बना डाला गया गौ रक्षको के खिलाफ हथियार

आये दिन गौ हत्यारों को मासूम और गौ रक्षको को अपराधी बनाने की कोशिशों के बीच नागपुर की रिपोर्ट ने उन सभी के मुँह पर एक जोरदार तमाचा मारा है जो एक सोची समझी रणनीति के चलते अपने झूठ को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाने में सफल रहे हैं .. नागपुर का केस साबित कर रहा है दुर्दांत गौ हत्यारों की नीचता ..
महाराष्ट्र के नागपुर में कुछ दिन पहले सलीम शाह नाम का व्यक्ति स्कूटर पर गौ मांस ले जा रहा था . सटीक सूचना के बाद जब गौ रक्षको ने उसको रोकना चाहा तो वो सत्ताधारी भाजपा का खुद को सदस्य बता कर उन गौ रक्षको पर ही धौंस जमाने लगा और मारपीट पर उतारू हो गया .. आपस में गुत्थमगुथी होने पर दोनों पक्षों को चोटें आयी और पुलिस ने मौके पर पहुंच कर सलीम शाह , वो मांस और गौ रक्षकों को एक साथ हिरासत में ले लिए .
हिरासत में लिए जाते ही मांस की जांच किये बिना ही गौ रक्षक श्री अश्वनी (35), रामश्वेर तेवड़े (42), मोरेश्वर तांदुरकर (36) और जग्दीश चौधरी (25) को मारपीट की धाराओं में निरुद्ध कर दिया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया .. इस मुद्दे की जानकारी होते ही गौ रक्षको के पीछे पड़ा तथाकथित वर्ग एक बार फिर अपनी खबरों के लिए एक बहाना पा गया झूठ फैलाने का और कुछ ने सलीम शाह को मासूम तो कुछ ने झोले में बकरे का मांस आदि कह कर प्रचारित करना शुरू कर दिया .
अब जब पुलिस ने जांच के लिए उस थैले को भेजा था तब जांच के उपरांत वो मांस गौ वंश का ही मांस निकला . अचानक ही ये रिपोर्ट आते ही वो सभी तथाकथित गैंग अचानक ही गायब हो गयी और बिना एक बार भी अपने फैलाये झूठ पर माफ़ी मांगे आगे किसी और सच को झूठ साबित करने की तैयारी करने में जुट गयी … पुलिस अब सलीम शाह को गौ वंश वध की धाराओं में निरुद्ध कर के आगे की कार्यवाही करने पर विचार बना रही है . 
महाराष्ट्र के नागपुर में गौरक्षकों के हाथों बीफ के शक में पीटे जाने वाले मुस्लिम शख्स पर गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि जो मीट बीजेपी नेता सलीम शाह स्कूटर में ले जा रहा था, वो असल में बीफ ही था।
पुलिस सुपरीटेंड शैलेष बलकावड़े ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बीफ की पुष्टि की जानकारी दी है। बीजेपी नागपुर रुरल यूनिट के प्रसिडेंट राजीव पोटदार ने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाला है कि शाहा उस दिन स्कूटर में बीफ ले जा रहा था। इसके बाद उन्हें पार्टी से निकाला जा सकता है। अध्यक्ष पोटदार ने कहा कि शाहा को कानून के मुताबिक सख्त सजा दी जाएगी, लेकिन लोगों को अपने हाथ में कानून नहीं लेना चाहिए। दरअसल, नागपुर के कटोल का रहने वाला है।

12 जुलाई को वो स्कूटर में मीट लेकर जा रहा था और इसी लोगों ने उसे रोका और पीटना शुरू कर दिया। पुलिस ने पिटाई के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें अश्वनी (35), रामश्वेर तेवड़े (42), मोरेश्वर तांदुरकर (36) और जग्दीश चौधरी (25) शामिल हैं।
    Share This Post