कर्तव्य पथ पर थी पुलिस . पर उसके बाद भी उन पर लगा दिया महिलाओं के साथ बदसलूकी का आरोप . पुलिस के मनोबल पर और कितनी चोट ??

ज़रा सोचिये , मांस की सटीक सूचना थी पुलिस को , फिर घेराबंदी की . वाहन को भी ढूंढ निकाला , वाहन वाला वाहन छोड़ कर भाग गया .. फिर क्या चारा था पुलिस वालों के पास सिवाय घर में छापा मारने के .. पर घर पर भी छापा मारने की घटना को भी ऐसे बढ़ा चढ़ा कर बताया जा रहा है जैसे पुलिस ने कितनी बड़ी किसी की भावनाओं को आहत कर डाला हो , उन्हें शायद ये याद नहीं है की ये वो देश है जहाँ अपराध को धर्मस्थल में भी पनाह नहीं देने दी जाती है है …. कर्तव्य पथ पर खड़ी पुलिस पर उत्तर प्रदेश में एक और आधारहीन और रचित आरोप लगाने का कुत्सित प्रयास शुरू हुआ जिसका असर सीधा वर्दी वालों के मनोबल पर पड़ता है ..

मामला उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले का है जहाँ पुलिस को अवैध मांस की बिक्री की सटीक सूचना मिली . अवैध बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगने के बाद अवैध मांस की बिक्री व पशुवध प्रतिबंधित है उत्तर प्रदेश में जिसके चलते पुलिस और प्रशासन सतर्क है .. यहाँ पुलिस को सूचना थी की एक स्कार्पिओ में अवैध मांस बिक्री हेतु जाने वाला है जिसके लिए पुलिस ने जाल बिछा कर रखा था . सूचना सटीक थी और वो वाहन आता भी दिखा जिसे पुलिस ने रुकने का इशारा किया पर वो वाहन बिना रुके और तेज भगाने लगा . 

यकीनन पुलिस को देख कर भागने वाला कोई अपराध में संलिप्त था इसीलिए पुलिस ने स्कार्पिओ का पीछा किया और चरों तरफ से घेराबंदी शुरू कर दी . पुलिस को घेराबंदी के बाद वो स्कार्पिओ बलरामपुर नर्सिंग होम के सामने लावारिश हालत में खड़ी मिली जिसमे मौजूद सभी अपराधी गाड़ी छोड़ कर भाग चुके थे . पुलिस ने शीशा तोड़ कर स्कार्पिओ के अंदर से ३ बोरे अवैध मांस वाहन से बाहर निकाला . स्कार्पिओ मुस्लिम बहुल इलाके मोहल्ला यतीमखाना के पास खड़ी मिली थी इसलिए पुलिस ने अंदेशा जाहिर किया की उसमे मौजूद अपराधी वहीँ कहीं आस पास छिपे होंगे.

पुलिस ने कानूनी तौर पर उस मोहल्ले को घेर लिया और तलाशी लेना शुरू कर दिया ..पुलिस ने शक और सूत्रों के आधार पर मुबीन के घर पर छापा मारा और तलाशी ली और उनके २ बेटों को ले कर पूछताछ के लिए थाने ले आई . उधर पुलिस ने अलीजानपुर में किसी दिलवाड़ के घर छापा मारा और एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया.. फिर वही संभल की तरह शुरू हुआ एक प्रलाप जिसमे औरतों को सामने कर के बताया गया की उनके साथ पुलिस ने की है बदतमीजी .. पुलिस के संवैधानिक कार्य में भी बेवजह अड़ंगा डालने का कुत्सित प्रयास उन सभी मांस के अवैध कारोबारियों को बचाने के लिए हो रहा है जो पुलिस के रडार पर आ चुके हैं ..

पुलिस का मनोबल गिराने के लिए कभी बटला हाऊस के आतंकियों को मसीहा बताया जाता था आज समय बदला तो औरतों को आगे आकर दिया जा रहा है .. हमारी सीमाओं के अंदर के हमारे रक्षको को हमारे साथ और सहयोग की जरूरत है क्योंकि कुछ गिने चुने लोग उनका सहयोग करने के बजाय उन पर झूठे आक्षेप और आरोप लगा कर उनका मनोबल गिराने की चेष्टा कर रहे हैं … मांस का परीक्षण हेतु पुलिस ने प्रयोगशाला में भेजा है ..खुद पर लगे आधारहीन आरोपों से बिना विचलित हुए बलरामपुर पुलिस मांस के अवैध कारोबारी आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार प्रयास कर रही है .

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