बिना प्रमाण कुछ घसीट रहे नजीब केस में राष्ट्रवादी ABVP का नाम जबकि अभी CBI रिपोर्ट आनी बाकी


 अपने देशविरोधी नारों और सत्ता विरोधी कार्यों के लिए काफी विख्यात रहा JNU काफी समय से चर्चा में है नजीब जंग नाम के एक छात्र के गायब होने से .. उसके गायब होने को कईयों ने नाक का सवाल बना दिया है जबकि पुलिस बार बार तलाश करने का दावा कर रही है और उसे खोजने की हर संभव कोशिश कर रही है पर मुद्दे को राजनैतिक रूप देने के लिए कई बड़े नेता भी इसमें कूद गए हैं और उन्होंने आरोप लगाया है कि JNU  के छात्र नजीब अहमद को लापता हुए नौ माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
इस मुद्दे पर जब जांच सीबीआई को सौंपी गयी तो सीबीआई ने कोर्ट से मामले कि जांच करने के लिए और समय मांगा है। बता दें कि नजीब अहमद दिल्ली के जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी, स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी का स्टूडेंट है। वह 14 अक्टूबर की रात से जेएनयू के हॉस्टल माही-मांडवी से लापता है। नजीब के लापता होने से एक रात पहले कैंपस में उसका झगड़ा हुआ था, बताया जा रहा है कि नजीब ने किसी लड़के से बुरी तरह से झड़प की थी ..
हॉस्टल मेस कमेटी के चुनाव के लिए एबीवीपी के सदस्य हॉस्टल में जाकर चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी नजीब और एबीवीपी के लोगों के बीच-कहा सुनी हो हो गई और झगड़े के दूसरे दिन से नजीब लापता है। वहीं, सीबीआई की ओर से और समय मांगने पर जेएनयूएसयू ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी मोदी सरकार में ‘दबाव’ में है। यूनियन अध्यक्ष मोहित कुमार पांडे ने कहा कि सीबीआई जांच के तहत नजीब के बारे में सुराग को लेकर अब तक खाली है। ABVP का साफ कहना है कि उसका इस मुद्दे से कोई लेना देना नहीं है और उसको बेवजह घसीट कर कुछ बड़े राजनेता इस केस में अपना उल्लू सीधा करना चाह रहे हैं . वैसे भी यहाँ ध्यान देने योग्य है कि JNU अपनी पढाई के साथ साथ कश्मीरी आतंकियों और राजनेताओं की चर्चा के लिए ज्यादा जाना जाता है जहाँ इजरायल और फिलिस्तीन तक के बारे में दीवारों पर लिखा दिख जाता है . 

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