बचा कर रखें अपनी बच्चियाँ को ही नहीं मासूम बच्चों को भी मोहम्मद शाहिद जैसे दरिंदों से जो कहीं भी मिल सकते हैं हवस की आग में जलते हुए , जिसने कुचल दिया उस मासूम का जीवन

एक मासूम जिसे अपनी जिंदगी शुरू करने का भी मौका ना मिला हो और उसकी जिंदगी शुरू होने से पहले ही कोई खत्म करने पर उतारू हो जाय तो वो मासूम जीवन भर एक डरी सहमी जिंदगी बिताएगा पर वो कुख्यात हवसी और दुराचारी अगले किसी की तलाश करेगा जिसका जीवन को बर्बाद कर सके ..

मामला है उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर का .. यहां का रहने वाला दुराचारी मोहम्मद शाहिद हवस की आग में जलता जा रहा था .. कभी ट्रेन की घटना को अपनी मज़हबी आस्था आदि से जोड़ कर दंगे पर उतारू हो जाने वालों को यक़ीनन इस घटना पर बोलना चाहिए था पर वो खामोश ही हैं .. खैर आगे अपनी हवस बुझाने के लिए मोहम्मद शाहिद कोई आसान शिकार खोज रहा था ..

हंसवर थाना क्षेत्र के अकबेल पुर निवासी मोहम्मद शाहिद की तभी अचानक उसकी नजर फूल जैसे मासूम पर पड़ी जो वहीं खेल रहा था .. उसकी उम्र मात्र 5 साल की थी और उसे मोहम्मद शाहिद में अपना पिता नजर आया . वो उस से अपने साथ चलने को कहा जो बेचारा खेलने या टॉफी आदि के लालच में अपने पिता तुल्य शाहिद के साथ चल पड़ा ..

दरिंदा शाहिद उस मासूम को ले कर खेतों में गया और उसके साथ बेरहमी से अप्रारकृतिक कुकर्म किया .. वो चीख ना पाए उसके लिए उसने उसका मुंह कस कर दबा दिया जिस से वो बेहोशी की हालत में पहुच गया .. अपनी हवस को ठंडा कर के वो उस खून से लथपथ मासूम को छोड़ कर भाग गया ..

अपने बेटे को खोज कर माँ बाप ने उसका इलाज करवाया और फिर थाने ले कर पहुचे.. योगिराज में बेहद सतर्क पुलिस  प्रशासन ने फौरन ही कार्यवाही करते हुए धारा 377 में वांछित हवस के पुतले मोहम्मद शाहिद को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया .. अफसोस की बात ये है कि ऐसे दरिन्दे को छुड़ाने की थाने से ले कर अदालत तक कोशिशें शुरू हो गयी हैं ..

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