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सौरभ के माँ बाप ने सोचा कि युवको के झगड़े को रफ़ीक के घर चल कर बुजुर्गों के साथ शांत करते हैं. पर वहां मुख़्तार ने घेर कर “शिवा” को मार डाला

हमारे पूर्वजों में एक बेहद अच्छी परम्परा है , बच्चो तो दूर युवाओं के झगड़े आदि को बुजुर्गों के बीच आपस में मिल बैठ कर सुलझा लिया जाता है . बुजुर्गों को ना सिर्फ अनुभवी माना जाता है अपितु उन्हें घर और समाज के पथप्रदर्शक माना जाता है क्योंकि वो समाज को सदा ही सही राह दिखाते हैं और शालीनता के साथ सभ्यता और संस्कारो की प्रतिमूर्ति माने जाते हैं पर आंबेडकर नगर के बुजुर्गों को शायद सब अपने जैसे दिखे और इस विश्वाश का अंत हुआ एक किशोर शिवा की मौत के साथ जो अपने बुर्जुर्गों के साथ निकल पड़ा था ये सोच कर की रफीक के घर  सिर्फ बातचीत होगी .

मामला उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर जिले का है. यहाँ अकबरपुर थाना कोतवाली क्षेत्र के गाँव लोरपुर का है . यहां मुस्लिमों की पिटाई से हुए एक किशोर की मौत के बाद मामला बेहद गर्म व तनाव पर है .ये घटना 8 मई की रात करीब 9 पर शुरू हुई जब सौरभ और डब्लू आदि के साथ कुछ लोगों का विवाद बढ़ गया . दूसरी तरफ से संख्या ज्यादा होने के कारण दोनों बाजार गए और अपने साथ हुई घटना का वर्णन किया . घटना की जानकारी पाने के बाद डब्लू के साथ कुछ समझदार लोग रफीक के घर इस झगड़े की जानकारी देने गए , वो लोग रफीक के घर बुजुर्गों से बात कर के मामले को रफा दफा करना छह रहे थे .


रफीक के घर पहुंच कर बात चल ही रही थी की पहले से ही तैयार रफीक का पडोसी मुख़्तार चिकवा वहां आये लोगों को मार डालने की धमकी देने लगा . दूसरा पक्ष कुछ समझ पता इस से पहले मुख्तार चिकवा की तरफ से उसके तमाम सहयोगी खड़े हो गए जो घर पर बातचीत करने वाये लोगों पर मौत बन कर टूट पड़े .  अफरातफरी में मुख्तार चिकवा के हाथ 17 साल का शिवा लग गया जिसे इतना पीटा गया की उसके प्राण पखेरू न उड़ गए .. मौके पर पहुंची पुलिस ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है . बवाल बढ़ने की आशंका से तमाम भाजपा नेताओं ने वहां का दौरा किया है .


हत्यारे मुख़्तार चिकवा और उसकी पूरी गैंग फरार है . पुलिस उसकी तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है . पुलिस अधीक्षक पीयूष ने घटना स्थल का दौरा किया और बताया की किसी भी दोषी को बख्सा नहीं जाएगा . गौ रक्षको पर आये दिन कोई ना कोई आरोप लगाने वाली टीम को इस विषय पर निश्चित रूप से कुछ बोलना चाहिए जिसमे शिवा की जिंदगी शुरू होने से पहले ही खत्म कर डाली गयी जो अपने नाम के साथ शान से “चिकवा”उर्फ़ कसाई लगाता है . 

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