Breaking News:

गए थे सुप्रीम कोर्ट राहत पाने . पर सुप्रीम कोर्ट ने और कडा कर दिया आदेश

अक्सर सूना गया है की समय बड़ा बलवान . और इसे गायत्री प्रसाद प्रजापति का वर्तमान समय चरितार्थ भी कर रहा है . कभी सत्ता के केंद्र में बैठने वाले गायत्री और उनके कुनबे को कहीं बैठना तो दूर भागने की भी जगह नहीं मिल रही है .

उत्तर प्रदेश सरकार में कद्दावर मंत्री रहे और मुलायम सिंह के बेहद ख़ास माने जाने वाले गायत्री प्रसाद प्रजापति की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं . ऐसा कोई चौखट नहीं जहाँ उन्होंने या उनके परिजनों ने सर ना टेका हो , पर ये विदित सत्य है की बुरे काम का नतीजा भी बुरा ही होता है . कुछ दिन पहले गायत्री प्रसाद प्रजापति की बेटियां और पत्नी मुख्यमंत्री आवास में दिखी थी न्याय मांगने के लिए . फिर वो हाईकोर्ट गये पर दोनों जगहों से उन्हें निराशा ही हाथ लगी .. आखिर थक और हार कर उन्होंने अपना अंतिम रास्ता अपनाया और चल पड़े थे सुप्रीम कोर्ट की शरण में कुछ राहत की तलाश में .

सुप्रीम कोर्ट जो न्याय का मंदिर था वहां उन्हें नहीं पीड़िता को न्याय मिला. सुप्रीम कोर्ट ने गायत्री प्रसाद प्रजापति के साथ इस वारदात में शामिल दोनों सह आरोपी अमरेंद्र और विकास वर्मा को किसी भी हालत में २ दिन के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है . सुप्रीम कोर्ट की बाँधी सीमा के अंदर अगर दोनों आरोपी सरेंडर नहीं करते तो वो गंभीर दंड के भागी होंगे . सुप्रीम कोर्ट ने दोनों के मामले में दिए गए हाईकोर्ट के फैसले पर किसी भी प्रकार से रोक लगाने से साफ़ इंकार करते हुए दोनों को तत्काल सरेंडर करने का आदेश दिया . 

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद दोनों के साथ गायत्री प्रजपति की मुश्किलें भी बढ़ेगी . सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पीड़िता की एक बड़ी जीत माना जा रहा है जिसने सामाजवादी शासन में भी अपनी लड़ाई जारी रखी थी वो भी समाजवादी पार्टी के एक बेहद कद्दावर मंत्री के खिलाफ . 

सुदर्शन न्यूज को आर्थिक सहयोग करने के लिए नीचे DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW