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सुमित को पता था कि उसके घर मे शहज़ाद क्यो आता है .. आखिर में शहज़ाद फिर कभी नही आया

यक़ीनन कानून की नज़र में ये अपराध है क्योंकि यहाँ हुआ है कत्ल पर कत्ल की परिस्थिति और काल को देख कर कोई भी होगा तो एक बार सोच में जरूर पड़ जायेगा ..क्योकि यहां परिस्थितियों के हिसाब से निर्णय लेना कठिन होगा ।

मामला है उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले का . यहां लालडिग्गी क्षेत्र के कोहरान गली में रहने वाला सुमित बहुत जल्द पिता का साया उठने से अनाथ हो गया था ..पिता की मौत के समय वो मासूम बच्चा था जिसे इतना जरूर याद था कि कोई शहज़ाद अंकल उसके घर आते हैं और उनकी मम्मी के साथ अकेले में कहीं चले जाते हैं ..

फिलहाल शहज़ाद को एक मामले में जेल हुई क्योंकि वो अपराधी प्रवित्ति का था ..7 साल तक शहज़ाद ने जेल काटी और जब वापस आया तो फिर सुमित के घर मे उसकी माँ से मिलने जाने लगा .. पर 7 साल बाद अब सुमित बड़ा हो चुका था , और उसे सब पता चलने लगा कि यहां मामला क्या चल रहा जिसका उसने कई बार विरोध भी किया . पर दोनों को कोई फर्क नही पड़ा . यहां तक कि उसकी माँ से ही मिले दम पर शहज़ाद उसको ही पीट देता था ..

अचानक ही एक दिन सुमित का पारा चढ़ गया और उसने शहज़ाद को उसके घर मे घुस कर ललकारने लगा ..जब शहज़ाद उसकी चुनौती स्वीकार करते हुए घर से बाहर निकल कर आया ठीक उसी समय सुमित ने पत्थरों से शहज़ाद का सर कुचल दिया और शहज़ाद की जान ना निकल जाने तक उसको मारता रहा ..

शहज़ाद को मार डालने के बाद शहज़ाद के भाई ने सुमित के ऊपर अपने भाई के कत्ल का मुकदमा दर्ज करवाया ..पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सुमित शहर छोड़ कर भाग रहा है तो भारी फोर्स के साथ उसको मिर्ज़ापुर स्टेशन पर घेर कर पकड़ लिया ..

पूछताछ के बाद सुमित ने कहा कि मेरे ही घर मे आ कर वो जो कुकृत्य कर रहा जो उसे किसी भी हालत में स्वीकार था .. फिलहाल शहज़ाद को मार कर कर सुमित जेल पहुच गया है..यक़ीनन यह एक लव जिहाद से मिलता जुलता मामला है जिसे सुमित सह नही पाया ..

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