जानें किस बात पर झुका कुख्यात संगठन “उल्फा” भी और ख़ुशी से बोल पड़ा – ” मोदी जी धन्यवाद”

असम में शांति बहाली के लिए दिन रात अथक परिश्रम कर रही केंद्र और राज्य सरकार के लिए ये बेहद महत्वपूर्ण खबर हो सकती है जिसमे वहां अशांति के एक सबसे बड़े कारक प्रतिबंधित संगठन उल्फा भी हुआ है भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक फैसले का मुरीद और सारी कड़वाहट भूल कर प्रधानमंत्री के कार्यों की खुल कर तारीफ़ करते हुए मोदी जी को धन्यवाद बोला है .. शायद मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर ये धन्यवाद सबसे महत्वपूर्ण हो ..

प्रतिबंधित संगठन भारत के सबसे लंबे पुल धौला-सादिया पुल का नाम बदलकर डॉ. भूपेन हजारिका पुल रखने के श्री नरेंद्र मोदी के फैसले से बेहद खुश है . उल्फा का कहना है की वो इस फैसले का दिल खोल कर स्वागत करता है .उल्फा आई के प्रवक्ता ने फोन पर कहा की वो हर झगड़ा और विवाद भूल कर इस फैसले के साथ खड़ा है . ज्ञात हो की श्री नरेंद्र मोदी जी ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर बने धौला-सादिया पुल को शुक्रवाद को राष्ट्र को समर्पित किया था .. इस अवसर पर उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार ने इस पुल का नाम इस धरती के पुत्र और महान गायक भूपेन हजारिका के नाम पर रखने का निर्णय लिया है।

भूपेन हजरिका की ख्याति पूर्वोत्तर में बेहद ज्यादा है जहाँ वो सर्वमान्य रूप से माने जाते हैं . असम के सामन्य निवासियों ने भी प्रधानमंत्री के इस फैसले की भूरि भूरि सच्चे मन से प्रशंशा की है क्योंकि इस से पहले पूर्वोत्तर के राज्यों को उपेक्षित माना जाता था ..

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