13 साल की मासूम के अपरहण में शामिल थी नारी हो कर भी “सभीला”. बूढ़े “अली मोहम्मद” से निकाह के चक्कर में एक मासूमियत का कत्ल

कहा जाता है की एक नारी का दर्द एक नारी से बेहतर कोई नहीं समझ सकता है . पर जब एक नारी ही नारी की दुश्मन बन जाए तो स्थिति विकट बन जाती है और उस विकट स्थिति के बाद जो हालत पैदा होते हैं वो समाज के लिए एक बेहद नई बात होती है जिसका असर दीर्घकालिक होता है साथ में उसके कारण अन्य वो तमाम भी संदिग्ध नजर से देखे जाते हैं जो कुछ अच्छा करना भी चाहते हैं किसी के लिए . ऐसा ही मामला तब खुला जब राजस्थान पुलिस ने एक मासूम को मुक्त करवाया जिसका निकाह उसके बाप के उम्र के व्यक्ति से होना तय था साथ ही उसमे शामिल मिली एक महिला ही जिसे काम से कम एक बार उस मासूम पर दया खानी ही थी पर अफ़सोस उनकी आँखों के आगे रूपये की दीवार खड़ी थी जिसमे वो अंधी हो कर ये भूल चुकी थी की वो किसका बुरा करने जा रही है .

मामला है राजस्थान के अलवर का . यहाँ राजस्थान में गठित मानव तस्करी निरोधी पुलिस टीम ने बंगाल से लाई गई एक मासूम जो मात्र १३ वर्ष की नाबालिग थी को उसके अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़वाया है . इस में जो खुलासा हुआ वो हैरान करने वाला था क्योंकि इस कुकृत्य में २ मुस्लिमों इमरान व् हारून के साथ एक औरत सभीला को भी गिरफ्तार किया गया है . सभीला गिरफ्तार इमरान की बीबी है और इस अपराध में शामिल हैं .. इस मामले में पुलिस ने एक और अपराधी अली मोहम्मद को गिरफ्तार किया है जिसके कारण ये गंदा खेल रचा गया था . 

अली मोहम्मद उस १३ साल की मासूम के बाप की उम्र का था जिसने उसको अपने लिए निकाह और भोग की वस्तु बना कर खरीदा था जबकि उसे अच्छे से पता था की नाबालिग से निकाह गैर कानूनी है . बरामद हुई मासूम पश्चिम बंगाल के 24 परगना की बताई जा रही है जिसके परिजनों से सम्पर्क की कोशिश की जा रही है . ज्ञात हो की तुष्टिकरण के चलते बंगाल में मानव तस्करी के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं जिसे एक खास वर्ग संचालित कर रहा है . इसमें न सिर्फ बंगाल में मानव तस्कर शामिल हैं बल्कि उनके सम्बन्ध बंगलादेश के मानव तस्करों से भी हैं जिनका उपयोग वो अली मोहम्मद जैसे हवस के पुतलों की आग बुझाने के लिए भी करते हैं . 

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