47 लाख के इनामी नक्सली ने टेक दिए घुटने.. शान्ति की तरफ समाज

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए विशेष अभियान चला रही छत्तीसगढ़ पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब 47 लाख के इनामी मोस्ट वांटेड खूंखार नक्सली पहाड़ सिंह ने भिलाई पुलिस के सामने आत्म समर्पण कर दिया. दुर्ग क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जीपी सिंह ने बताया कि क्षेत्र के राजनांदगांव जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे नक्सल अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है. उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लाल आतंक का पर्याय बन चुके एमएमसी जोन के एसजेडसी सदस्य और जीआरबी डिवीजनल कमेटी के सचिव पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय उर्फ राममोहम्मद सिंह टोप्पो ने पुलिस दबाव और छत्तीसगढ़ शासन की आत्म समर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर आज पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है.

आपको बता दें कि पहाड़ सिंह उर्फ कुमारसाय कतलाम राजनांदगांव जिले के गैंदाटोला थाना के अंतर्गत फाफामार गांव का निवासी है. पहाड़ सिंह को वर्ष 2000 में देवरी दलम सदस्य के रूप में नक्सली संगठन में भर्ती किया गया और 8 एमएम बंदूक देकर देवरी दलम में पायलट का काम सौंपा गया. वर्ष 2003 में देवरी एरिया कमेटी सदस्य बनाया गया। वर्ष 2006 में डिवीजन अधिवेशन (प्लीनम) में सर्वसम्मति से टाण्डा मलाजखण्ड सयुक्त एरिया कमेटी सचिव की जवाबदारी उसे दी गई. वर्ष 2008 में टिपागढ़ में उत्तर गढ़चिरौली गोंदिया डिवीजन के प्लीनम में डिवीजन सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया. पहाड़ सिंह ने पुलिस को बताया कि उसे नक्सल आंदोलन को तेज गति प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गई थी.

दुर्ग आईजी जीपी सिंह ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली पहाड़ सिंह पर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार द्वारा कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. इसमें 25 लाख रुपए की इनाम राशि तो अकेले छत्तीसगढ़ सरकार ने घोषित की थी. पुलिस के मुताबिक पहाड़ सिंह ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में नक्सल हिंसा की घटनाओं को अंजाम दिया. पुलिस पार्टी पर हमला, हथियार लूट, ग्रामीणों में दहशत फैलाने जैसी तमाम वारदातों में यह शामिल रहा है.

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