दलित के घर को पत्थरो से बींध दिया मुस्लिमों ने, पुलिस ने पहुच कर संभाले हालात. मामला बालिका का छेड़ने का

इन हालातो को देख कर सहज अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि नसरुद्दीन शाह के अनुसार कौन सच में डरा है और कौन डरा रहा है . यहाँ पर दलितों के , पिछड़ों के हितो की दुहाई देने वाले तमाम लोग भी नहीं दिख रहे हैं जो आये दिन जातिवाद की आग में देश को झोंकने के प्रयास किया करते हैं . यहाँ प्रशंशा करनी होगी चुस्त पुलिस प्रशासन की जिसने तेजी दिखाते हुए हालात को काबू में किया और किसी बड़ी घटना को होने से बचा लिया .

ये घटना उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में छेड़छाड़ को लेकर दो समुदाय के लोग आमने सामने आ गए। इसके दौरान जमकर मारपीट और पथराव हुआ। दोना पक्षों से सात लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। मोदीपुरम थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में वाल्मीकि समाज और मुस्लिम समाज के लोग रहते हैं। आरोप है कि वाल्मीकि समाज की एक लड़की को मुस्लिम समाज का युवक छेड़ था। तभी लड़की का भाई और उसके दोस्त वहां आ गए। उन्होंने मुस्लिम समाज के युवक को समझाया चाहा लेकिन उसने उलटे उन पर ही हमला कर दिया ..

इसी दौरान मामला गम्भीर होता गया और दोनों पक्ष आमने सामने आ गये . आरोप है कि मुस्लिम परिवार ने वाल्मीकि समाज पर छत से पथराव कर दिया, जिसमें अवितेश, प्रदीप उर्फ सोयाबीन, ओमपाल आदि घायल हो गए। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। मामला दो संप्रदाय से जुड़ा होने के चलते पुलिस में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। स्थानीय पार्षद विक्रांत ढाका और भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष मोंटी सूद भी पहुंच गए। उन्होंने हंगामा कर रहे वाल्मीकि समाज के लोगों को किसी तरह शांत किया।  देर रात तक मौके पर गहमागहमी का माहौल था। इसके चलते ही एहतियातन पुलिस बल तैनात है.

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