जिन कॉमन सर्विस सेंटरो पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया भरोसा”उन्ही VLE को उत्तरप्रदेश सरकार के अधिकारी बता रहे बेईमान

उत्तर प्रदेश/हिन्दुस्तान

जिन कॉमन सर्विस सेंटरों ( CSC ) की तारीफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर व अन्य कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अपने भाषण में की हैं। देश का लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में भी प्रधानमंत्री इन कॉमन सर्विस सेंटरों का जिक्र कर चुके हैं विदेश दौरे के दौरान भी माननीय प्रधानमंत्री जी ने CSC के कार्य को सराहा हैं। देश के कानूनमंत्री रविशंकर प्रसाद जी भी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) के होने वाले कई प्रोग्राम में मुख्य अतिथि के रूप में मंच साझा कर चुके हैं।  CSC के CEO दिनेश त्यागी जी व केंद्रीय कानूनमंत्री रविशंकर प्रसाद जी के अथक प्रयासों से CSC ने कई कीर्तिमान हासिल किये हैं। जिसकी वजह से देश विदेश की कई बड़ी कंपनियों ने CSC के साथ जुड़कर व्यापार करने की इच्छा जताई हैं। और कई बड़े ब्राण्ड आज इस कंपनी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

देशभर में इस कंपनी के लगभग 4 लाख से ज्यादा जन सुविधा केंद्र संचालित हैं। जो बहुत ही कम दरो पर जन सुविधाए आम लोगो तक पंहुचा रहे हैं। और आम आदमी को बिना अपना काम छोड़े ये सुविधाए अपने आसपास ही एक छत के निचे उपलब्ध हो जाती हैं। इस कंपनी ने दुनिया का सबसे बड़ा ई गवर्नेन्स प्लेटफार्म होने का गौरव भी हासिल किया हैं। पुरे देश भर में 4 लाख से ज्यादा ऐसे केंद्र कार्यरत हैं। जो सरकार की योजनाओ को मिनटों में आम आदमी तक पंहुचा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी मन की बात के दौरान जब देश के किसानो से बात करने की इच्छा जताई तब इसी प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया गया था CSC संचालक जिनको VLE कहा जाता हैं। ने मिनटों में देश के लाखो किसानो से एक ही समय में सीधा सवांद कराया था।

CSC की काबिलियत को देखते हुए ही दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ स्कीम, आयुष्मान भारत को भी आमजन तक पहुचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटरों को ही अहम् जिम्मेदारी दी गई हैं। मेक इन इंडिया के तहत कम्पनी के कई प्रोजक्ट काम कर रहे हैं। जिसमे LED बल्ब बनाने,सस्ती दरो पर नेपकिन,कम्प्यूटर शिक्षा, फाइबर नेटवर्क विस्तार, गाव देहात में वाईफाई चौपाल जैसे अहम् कार्य शामिल हैं। कई केन्द्रों पर तो मुफ्त में क़ानूनी सलाह भी दी जा रही हैं। टैली मेडिशन के छेत्र  में भी CSC ऐतिहासिक कार्य की और अग्रसर हैं। बैंकिंग के छेत्र में भी कॉमन सर्विस सेंटर अहम् भूमिका निभा रहे  हैं। डिजिटल इंडिया प्रोग्राम में कॉमन सर्विस सेंटरो का भी विशेष योगदान हैं।

इससे पहले भी यह कंपनी करोडो की तादाद में आधार एनरोलमेंट करके UIDAI की बड़ी मदद कर चुकी हैं। जब आधार को कोई जानता भी नहीं था। उस दौर में मात्र CSC ही UIDAI की सहयोगी कंपनी थी जिसने घर घर जाकर आधार एनरोलमेंट किया था व् अपनी काबिलियत का परिचय दिया था। इससे प्रभावित होकर UIDAI के सीईओ अजय भूषण पाण्डेय ने एक कार्यक्रम के दौरान CSC  की तारीफ करते हुए कहा था की CSC ही आधार का आधार हैं। हालांकि कुछ समय के बाद अजय भूषण जी का CSC मोह भंग हो गया और कई राज्यों में CSC से आधार की सर्विस बंद कर दी गई। जिन राज्यों में CSC से आधार की सर्विस बंद की गई हैं। उन सभी राज्यों में आधार बनवाने के लिए हाहाकार मचा हुआ हैं। हालांकि UIDAI द्वारा दूध की धूली कुछ कम्पनीयो को आधार जैसी अहम् जिम्मेदारी दी गई हैं। जो पूरी तरह फ़ैल साबित हो रही हैं। और इस्थिति नियंत्रण से बाहर हैं। लोग अपना सब काम छोड़कर सुबह 6 बजे से ही बेंको के बाहर लाइनों में खड़े हो जाते हैं। और घंटो खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। कई दिनों तक लाइन में लगने के बाद भी आधार का काम नहीं हो पाता हैं। मजबूरन निराश होकर लोग वापस लौट जाते हैं।

सवाल यह उठता हैं की इतना सब कुछ इस कंपनी के फेवर में होते हुए भी उत्तर प्रदेश में क्यों CSC को क्यों किनारे किया गया।और क्यों उन कंपनियों पर मेहरबानी की गई जिन कंपनियों को अन्य राज्यों ने अपने छेत्र में घुसने तक नहीं दिया। इसके पीछे  कोई साजिश हैं या तानाशाही, जानकारी के अनुसार भारत सरकार व CSC के द्वारा कई बार राज्य सरकारों को पत्र लिखा गया हैं जिसमे निवेदन किया गया हैं कि उत्तर प्रदेश में एक लाख से ज्यादा कॉमन सर्विस सेंटर संचालित हैं। अतः राज्यसरकार की सभी योजनाओ को CSC से जोडा जाये। जिससे विकास कार्यो में तेजी लाई जा सके। आखिर उत्तरप्रदेश सरकार में कौन हैं वो बाहुबली जिसने मुख्यमंत्री जी की जानकारी के बिना ही अन्य दूध की धूलि कंपनियों को प्रदेश लूटने के लिए छोड़ दिया हैं। 3 साल गुजरने के बाद भी क्यों राज्य सरकार की योजनाओ को CSC के साथ नहीं जोड़ा गया जबकि कानूनमंत्री रविशंकर प्रशाद जी के बयान के अनुसार उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आते ही राज्यसरकार की सभी योजनाओ को कॉमन सर्विस सेंटरो से ही संचालित किया जाना था।

उत्तरप्रदेश में कुछ कंपनियां तो जन सेवा केंद्र खोलने की ऐवज में भी मोटा पैसा पिछली सरकारों के समय से वसूल रही हैं। जो खेल अभी भी जारी हैं। सर्विस देने की ऐवज में ये कंपनियां हर सरकारी दस्तावेज पर मोटा कमीशन वसूल रही हैं। जिसका सीधा असर आम  आदमी पर पड़ना स्वाभाविक हैं। इसी वजह से केंद्र संचालक ओवररेट लेने के लिए मजबूर होते हैं। केंद्र संचालको के खिलाफ जो मेहनत करता हैं ग्राहक का काम करके देता हैं। अपना पैसा इन्वेस्ट करता हैं। अपनी रोजी रोटी के लिए 12 घंटे की बिना किसी छुट्टी के ड्यूटी करता हैं। के खिलाफ तुरन्त कार्यवाही हो जाती हैं इन लुटेरी कंपनियों के खिलाफ क्यों नहीं ?

अगले एडिसन में हम अहम् दस्तावेजो के साथ करेंगे अहम् खुलासा…  और बतायेगे आपको आखिर इस खेल के पीछे हैं कौन ?, पुरानी सरकारों के चहयते कुछ अधिकारी या कोई सफेद्फोश ?

रिपोर्ट

समर ठाकुर

सुदर्शन न्यूज़/मुज़फ्फरनगर

MOB-9368004900

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


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