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माँ की मूर्ति को विसर्जित करने जा रहे भक्तों पर उन्मादियों का प्राणघातक हमला… 1 की मौत,, दहल उठा झारखंड

मजहबी उन्मादियों के आतंक से झारखंड का पलामू उस समय दहल उठा जब नवरात्रि के बाद माँ की मूर्ति विसर्जित करने जा रहे भक्तों पर उन्मादियों ने भीषण हमला कर दिया जिसमें एक भक्त की मौत हो गयी. उन्मादियों ने इस दौरान नौ वाहन भी फूंक दिये गये, जिसमें एक ट्रैक्टर ट्रॉली, पांच टेंपो, दो मोटरसाइकिल व एक बोलेरो शामिल है. वहीं, तीन दुकानों और दो मकानों को भी आग के हवाले कर दिया गया. साथ ही झड़प और पथराव में तीन पुलिसकर्मी  अनिरुद्ध प्रसाद (दारोगा),  अजीत कुमार सिंह व पिन्टु पासवान (आरक्षी) समेत कई ग्रामीण (कुंजल सिंह, शिव साव, मुकेश कुमार सिंह, अर्जुन साव, गुलटेना राम, शिव प्रसाद व अन्य) भी घायल हुए हैं.

इसके बाद भी उन्मादी नहीं रुके तथा विसर्जन के लिए माँ की मूर्ति ले जा रहे ट्रेक्टर ड्राइवर लल्लू सिंह पर भी हमला किया गया. जिससे ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया. इसकी चपेट में आने से सत्यनारायण सिंह नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. इलाज के दौरान को सदर अस्पताल में उसकी मौत हो गयी. वहीं, घटना में अपने पोते अरविंद को घायल देखकर सदमे से मेघनी कुंवर नामक महिला की मौत हो गयी. भीषण पत्थरबाजी, आगजनी की गयी तथा सरिया-डंडों से हमला किया गया. उन्मादियों के आतंक का अंदाजा इस  बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस टीम पर भी हमला किया गया, जिसमें दरोगा साईट तीन पुलिसकर्मी घायल हो गये.

बताया गया है कि शुक्रवार शाम चांदो में दो मूर्ति एक साथ विसर्जन के लिए उस रास्ते से जा रही थी. भक्तों की भीड़ माता के भजन गाते हुए आगे बढ़ रही थी.  इसी दौरान मुस्लिम के समुदाय के लोगों ने रास्ता रोक दिया. जब उनसे बात करने का प्रयास किया गया तो उन्मादियों ने अभद्रता शुरू कर दी तथा इसी दौरान प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर गंदा पानी फेंका जाने लगा. भक्तों ने इसका विरोध किया तो पथराव शुरू कर दिया  मारपीट व आगजनी की गयी. जिसके बाद साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया. स्थिति को काबू करने के लिए पलामू के अलावा रांची, खूंटी, लोहरदगा व लातेहार से अतिरिक्त बल मंगाया गया था.

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