जमीन कब्ज़ा कर के जबरन नमाज़ पढ़ने की आग में झुलस गया बंगलादेशी दरिंदो के बोझ तले दबा असम.. उतरी पैरामिलिट्री

शायद इसी भयानक स्थिति से असम सहित पूरे देश को बचाने के लिए न सिर्फ NRC लागू होना जरूरी है बल्कि नागरिकता संशोधन विधेयक भी लागू होना आवश्यक हो गया है. बांग्लादेशी उन्मादी घुसपैठियों के बोझ तले दबे असम में शुक्रवार को उन्मादियों ने गुंडागर्दी का नंगा नाच खेला. जुम्मे की नमाज के दौरान जबरन सड़क पर नमाज पढ़ने की कोशिश की गई. जब इसका विरोध किया तो दंगा शुरू कर दिया गया तथा हिंसा में जहाँ 1 व्यक्ति की मौत हो गई तो वहीं कम से कम 15 घायल हो गये.

भोजपुरी एक्टर निरहुआ के साथ उतरे और भी भोजपुरी कलाकार.. अखाड़ा बना आज़मगढ़

मामला असम के हैलाकांडी का जहाँ साम्प्रदायिक झड़प के बाद शुक्रवार को अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है. हिंसा जहाँ में 15 लोग घायल हुए हैं तो वहीं 1 व्यक्ति की मौत हो गई है. घायलों में तीन कांस्टेबल भी हैं. खबर के मुताबिक़, शुक्रवार सुबह हैलाकांडी में एक मस्जिद के बाहर से ये हिंसा शुरू हुई, जिसके बाद दंगाइयों ने दर्जनों गाड़ियों और मोटरसाइकिलों को भी आग के हवाले कर दिया. इसके बाद प्रशासन ने कर्फ्यू लगाने का ऐलान कर दिया.

गरीब मजदूर समझ कर घर का काम करवाने ले आई थी वो आकिल, अब्दुल और शनीफ़ को..उसे नही पता था कि आगे क्या होगा

जिला प्रशासन ने बताया है कि सांप्रदायिक हिंसा के बाद शुक्रवार दोपहर एक बजे कर्फ्यू लागू किया गया. बताया गया है कि कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू रहेगा. प्रशासन ने बताया है कि स्थिति नियंत्रण में है लेकिन शहर में तनाव व्याप्त है. स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में सुरक्षाबल शहर में तैनात हैं, साथ ही सेना को बुलाने की बात भी प्रशासन ने कही है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए हवा में गोलियां भी चलाई.

मदरसों के बाद अब मस्जिदों के लिए श्रीलंका सरकार का नया आदेश.. अगर नही पालन किया तो पुलिस को किया स्वतंत्र

हैलाकांडी की उपायुक्त कीर्ति झल्ली ने बताया कि मस्जिद के सामने सड़क पर नमाज पढ़ जाने के खिलाफ विरोध को लेकर ये झड़प हुई. शहर के काली बाड़ी स्थान पर स्थित एक मस्जिद के सामने सड़क पर शुक्रवार की नमाज पढे जाने के लिए इकट्ठा हुए एक समुदाय के लोगों को दूसरे समुदाय के लोगों ने सड़क पर नमाज न पढ़ने को कहा, जिसके बाद ये हिंसा शुरू हुई. उन्होंने बताया कि तनावपूर्ण हालात को देखते हुए कर्फ्यू लगाया गया है तथा सुरक्षाबल मुस्तैद हैं, लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की जा रही है.

ममता बनर्जी का मीम बनाया तो युवती को ठूंस दिया जेल में.. मौन हैं “फ्रीडम ऑफ स्पीच” के पैरोकार

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने व हमें मज़बूत करने के लिए आर्थिक सहयोग करें।

Paytm – 9540115511

Share This Post