दलित युवक अंकुश से फ्री में काम करवाता था शाहरुख़ और पैसे मांगने पर पीटता था बेरहमी से.. आखिर धैर्य खो दिया दलितों ने

उत्तर प्रदेश का मेरठ उस समय दहलने से बच गया जब जब शहर के अति संवेदनशील इलाके भगत सिंह मार्केट के उजाला कंपलेक्स में दो सफरदाय विशेष के लोगों के बीच बकाया पैसे मांगने को लेकर आपस में टकराव हो गया. दोनों समुदाय के बीच टकराव की सूचना पर बाजार में भगदड़ मच गई. वहीं एक संप्रदाय विशेष के लोंगो नारेबाजी करते हुए बाजार बंद कर हापुड़ स्टैंड पर जाम लगा दिया. मौके पर दलबल समेत पहुंचे एसपी सिटी रणविजय सिंह ने काफी जद्दोजहद के बाद हालात को काबू कर जाम खुलवाया.

खबर के मुताबिक़, गोला कुआं स्थित वाल्मीकि बस्ती निवासी सफाईकर्मी अंकुश वाल्मीकि पुत्र स्वर्गीय संतोष वाल्मीकि काफी समय से भगत सिंह मार्केट के उजाला कांपलेक्स में सफाई करता है. अंकुश उजाला कांपलेक्स की पहली मंजिल पर स्थित चाय विक्रेता सब्जी मंडी निवासी शाहरुख पुत्र यूनुस की दूकान पर भी सफाई करता था. युनुस काफी लंबे समय से अंकुश के पैसे नहीं दे रहा था बल्कि उसको प्रताड़ित कर रहा था. रविवार को उसने सफाई करने के दौरान अपने रुपये मांगे तो उसने देने से मना कर दिया.  इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई तथा युनुस व उसके  साथियों ने अंकुश पर हमला कर दिया तथा उसके साथ मारपीट की.

लंबे समय से युनुस द्वारा प्रताड़ित दलित युवक अंकुश तथा अन्य दलितों का धैर्य जबाव दे गया. इसके बाद अंकुश तथा उसके साथियों ने युनुस पर भी हमला कर दिया तथा उसकी दुकान में तोड़फोड़ शुरू दी. दलितों का आक्रोश देखकर युनुस तथा उसके साथी भाग खड़े हुए. इसके साथ भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा तथा स्थिति को नियंत्रण में लिया. एसपी सिटी रणविजय सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ है. दोनों ही पक्षों ने तहरीर दी है. मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

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