कम्युनिस्ट पार्टी उबल पड़ी कांग्रेस पर.. बोली- “ऐसा क्यों किया?” … असल में मामला था हिन्दुओं की आस्था का

मध्यप्रदेश की नई नवेली कांग्रेस सरकार ने हिन्दू आस्थाओं से जुड़ा एक ऐसा काम किया है, जिसकी हरतरफ तारीफ़ हो रही है. संभवतः कांग्रेस पार्टी को इस बात का अंदाजा हो गया है कि अगर वह हिन्दू आस्थाओं का दमन करती रहेगी तो सत्ता में आना तो दूर कांग्रेस पार्टी के लिए अपना वजूद बचाना मुश्किल हो जाएगा. यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी के क्रियाकलापों में काफी बदलाव दिखाई पड़ रहा है तथा वह खुद को हिन्दू हितैषी दिखाने के लिए तमाम जतन कर रही है लेकिन कांग्रेस पार्टी के ये प्रयास उसके सहयोगियों को रास नहीं आ रहे हैं

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के खंडवा में गौह्त्या के मामले में तीन आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की गई है. राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद गौ हत्या पर रासुका (NSA) की यह पहली कार्रवाई है. गौ हत्यारों पर रासुका लगाने पर जहाँ हिन्दू समाज कमलनाथ सरकार की तारीफ़ कर रहा है तो वहीं वामपंथी भड़क उठे है. वामपंथी दल सीपीआई के सांसद डी राजा ने इस मामले में बोलते हुए कहा कि भाजपा से लड़ना अलग बात है मगर आप इन चीजों को आप कैसे सही ठहरा सकते हैं? राहुल गांधी को अपनी सरकार के इस कदम पर जवाब देना चाहिए. सीपीआई का कहना है कि गौह्त्या के मामले में लगाई गई रासुका को कांग्रेस वापस ले.

खंडवा पुलिस अधीक्षक सिद्घार्थ बहुगुणा ने मंगलवार को बताया की, “मोघट थाने के खरखाली गांव में गौ हत्या के मामले में दो आरोपियों को शुक्रवार को पकड़ा गया था, वहीं तीसरा आरोपी सोमवार को पकड़ा गया. तीनों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी से सिफारिश की गई, जिसे जिलाधिकारी ने मंजूरी दे दी. उन्होंने कहा कि राजू उर्फ नदीम आदतन अपराधी है, और पूर्व में भी गौ हत्या के मामले में पकड़ा जा चुका है. इसके अलावा नदीम का भाई शकील और आजम पर भी रासुका की कार्रवाई की गई है. यह सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका है और इस तरह की घटना सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ सकती है. लिहाजा रासुका की कार्रवाई की गई है.

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