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भारत रत्न अटल जी के लिए कांग्रेस तक में उमड़ा प्रेम.. क्या “हाथ” थामेगा “कमल” को ?

भारतरत्न पूर्व प्रधानमन्त्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के लिए कांग्रेस पार्टी में प्रेम उमड़ पड़ा है तथा कांग्रेस पार्टी अटल जी को अपना बनाने की कोशिश में जुट गई है. खबर के मुताबिक़, मध्य प्रदेश में नई नवेली कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने पूर्व प्रधानमन्त्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाए जाने की परंपरा को बरकरार रखने का फैसला किया है. बता दें कि इससे पहले शिवराज सरकार अटल जी के जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाती थी. एक तरफ जहाँ बीजेपी अटल जी के जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मनायेगी तो वहीं कांग्रेस भी अटल जी के जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मनायेगीये उठ रहा है कि आखिर अटल जी किसके हैं?

सरकार में आते ही सीएम कमलनाथ ने भले ही शिवराज सरकार में जमें दर्जनों आईएएस अधिकारियों को हटा दिया, निगम मंडल और बोर्ड को भंग कर दिया और नगर निगमों में नियुक्त एल्डर मैन की नियुक्तियां भी रद्द कर दी लेकिन सरकार वाजपेयी के जन्मदिन के मौके पर मनाए जाने वाले सुशासन दिवस की परंपरा को बरकरार रखेगी. कांग्रेस के इस सियासी पैंतरे के बीच अब बीजेपी ने भी ये तय किया है कि वह 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के तौर पर मनाएगी.

दरअसल बीजेपी सरकार अटल जी के जन्मदिन को सुशासन दिवस के तौर पर मनाती आई है. इस बार कांग्रेस सरकार के सत्ता में आते ही इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि क्या अब सुशासन दिवस मनाया जाएगा. इस बीच कमलनाथ सरकार ने आदेश जारी कर तय किया है कि 25 दिसंबर से 30 दिसंबर के बीच पूरे प्रदेश में सुशासन दिवस मनाया जाएगा. कांग्रेस की मानें तो बीजेपी अटल बिहारी वाजपेयी का इस्तेमाल सियासी फायदे के लिए करती आई है. विरोधियों को भी अपना बना लेने की खूबी रखने वाले अटल बिहारी वाजपेयी भले ही अब नहीं हैं लेकिन उनकी जरूरत अब कांग्रेस को भी लगने लगी है.

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