चौकीदार शब्द बन रहा अब खून खराबे की वजह.. रायबरेली में इसको सुनकर क्यों बेकाबू हुए उन्मादी?

जिस तरह से 2014 के लोकसभा चुनाव में चायवाला शब्द चुनावी मुद्दा बन गया था, ठीक उसी तरह 2019 के लोकसभा में चौकीदार शब्द मुद्ददा बन गया है. एकतरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी “चौकीदार चोर है” बोलकर प्रधानमन्त्री मोदी पर हमला कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ प्रधानमन्त्री मोदी जी ने “मैं भी चौकीदार” कैंपेन चलाकर चुनाव की दिशा ही मोड़ दी है. इसके बाद पीएम मोदी सहित बीजेपी के सभी छोटे-बड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अपने नाम के आगे चौकीदार शब्द जोड़कर कांग्रेस के कैंपेन पर करारा पलटवार किया है.

बीजेपी के इस कैंपेन की बौखलाहट उस समय कांग्रेस में देखने को मिली जब चौकीदार शब्द को लेकर उन्मादी कांग्रेसी कार्यकर्ता खून खराबे पर उतारू हो गये. मामला उत्तर प्रदेश के रायबरेली का है जहाँ कुछ कांग्रेसी ‘चौकीदार चोर है’ के नारे लगा रहे थे. तभी आशीष पाठक नामक एक युवक ने नारे के विरोध में बस नेताओं से बस इतना पूछ लिया कि ‘चौकीदार चोर क्यों है?’ इतने में कांग्रेसी बौखला गए और आशीष को जमकर पीट दिया. युवक ने रोते हुए पूरी घटना मीडिया के सामने बयान की.

आशीष पाठक का आरोप है कि हिमांशु सिंह और कांग्रेस के ज़िलाध्यक्ष वीके शुक्ला ने उन्हें पीटा. आशीष पाठक ने कहा, ‘मैं यहां चौराहे पर आया, हिमांशु सिंह और कांग्रेस के ज़िलाध्यक्ष वीके शुक्ला ने हमको मारा. मेरा चश्मा भी तोड़ दिया. कांग्रेसी कह रहे थे चौकीदार चोर है मैंने कहा क्यों चोर है? उसपर उन्होंने मारा. मैं कहता हूं तुम कहो चौकीदार चोर है लेकिन मुझे मारा क्यों? मुझे रोड पर घसीटा. क्या गुंडई कर कांग्रेस चुनाव जीतेंगे. मैं हार्ट का पेशेंट हूं मुझे बुरी तरह से कांग्रेस के लोगों ने मारा.’

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने हेतु हमे आर्थिक सहयोग करे. DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW