जिस ट्रक ने रौंदा है उन्नाव की रेप पीड़िता को वो ट्रक निकला समाजवादी पार्टी के नेता का.. सोनभद्र नरसंहार के बाद अब उन्नाव मामले में भी समाजवादी कनेक्शन

उत्तर प्रदेश के उन्नाव के चर्चित रेपकांड की पीड़िता के साथ हुए एक्सीडेंट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. इस खुलासे के बाद ये सवाल पुनः फिजा में तैर गया है कि ये वास्तव में सिर्फ एक हादसा था या फिर एक साजिश के तहत अंजाम दिया गया ताकि यूपी सरकार को कटघरे में खड़ा किया जा सके. ये सवाल इसलिए उठ खड़ा हुआ है क्योंकि जिस ट्रक ने उन्नाव रेप पीड़िता की गाड़ी को टक्कर मारी, वो ट्रक समाजवादी पार्टी के नेता का है. उन्नाव रेप पीड़िता एक्सीडेंट मामले में सपा कनेक्शन आने के बाद तमाम तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.

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ज्ञात हो कि उन्नाव रेपकांड मामले में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर जेल में बंद हैं. हाल ही में जब पीड़िता रायबरेली जा रही थी तो उसकी गाड़ी को ट्रक ने टक्कर मार दी.  इस दुर्घटना में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उनके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि इस हादसे में उनकी दो महिला रिश्तेदारों की मौत हो गई थी. इसके बाद पीड़िता के चाचा ने जेल में बंद बीजेपी  विधायक पर हादसे के पीछे साजिश रचने का आरोप लगाया तथा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद उन्नाव रेप पीड़िता की कार में ट्रक की टक्कर लगने के मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर समेत 10 लोगों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला और साजिश का मुकदमा दर्ज कराया गया है.

लेकिन अब जिस तरह ये बात सामने आई है कि ट्रक सपा नेता का है, उससे तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि कहीं यूपी सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से तो कहीं इस दुर्घटना को तो अंजाम नहीं दिया गया. अभी तक इस मामले में विपक्षी आरोप लगा रहे थे कि इस एक्सीडेंट के पीछे बीजेपी विधायक की साजिश है लेकिन अब शक की सुई समाजवादी पार्टी की तरफ भी घूम गई है. सोनभद्र नरसंहार मामले के बाद अब उन्नाव मामले में भी सपा कनेक्शन सामने आने से सियासत गरमा गई है.

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प्राप्त हुई जानकारी के मुताबिक़, कार में टक्कर मारने वाला ट्रक फतेहपुर के सपा नेता व पूर्व जिला सचिव नंदू पाल के भाई का है. इस मामले को लेकर सपा नेता का कहना है कि इसे साजिश बताकर बेवजह तूल दिया जा रहा है, जबकि यह महज हादसा है. हम लोग विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जानते तक नहीं हैं, बस नाम सुना है. रही ट्रक के नंबर प्लेट में कालिख पोतने की वजह, तो यह  केवल फाइनेंसर की नजरों से बचना था. यदि कहीं भी साजिश प्रतीत हो रही है तो सरकार इसकी सीबीआई जांच करा ले, ताकि सच्चाई सामने आ सके.

बता दें कि सूबे के फतेहपुर ललौली कस्बे के सातआना मोहल्ला निवासी सपा नेता नंदकिशोर पाल उर्फ नंदू पाल की पत्नी रामाश्री पाल सपा से असोथर ब्लॉक की प्रमुख रह चुकी हैं. सपा नेता नंदकिशोर पाल चार भाई हैं. सबसे बड़े नंदकिशोर पाल, दूसरे नंबर पर देवेंद्र किशोर पाल, तीसरे नंबर मुन्ना पाल और सबसे छोटा दिलीप पाल है. दिलीप का मकान लालगंज में है. तीन भाइयों के ललौली के साथ शहर के नई तहसील के सामने पाल नगर में अलग-अलग मकान हैं. चारों भाइयों के बीच 27 ट्रक हैं. इसके अलावा लखनऊ रोड पर्र ईंट-भट्ठा है.

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खैर एक्सीडेंट मामले में सपा कनेक्शन सामने आने के बाद मामले की गुत्थी सुलझने के बजाय उलझ ही गई है. फिलहाल यूपी सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है तथा सीबीआई जांच में ही इस बात का खुलासा हो पायेगा कि ये सिर्फ एक हादसा या या इसके पीछे कोई साजिश थी. अगर साजिश थी भी तो ये साजिश बीजेपी विधायक के सहयोगियों की तरफ से रची गई थी या फिर यूपी सरकार को बदनाम करने के लिए सपा नेता का कोई हाथ था. खैर इसकी जांच होनी चाहिए तथा अगर ये साजिश है तो इसके पीछे के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए.

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