भारत माता की जय न कहने पर आमादा मिशनरी स्कूल… आखिर एक ही राह पर क्यों दो मजहबी कट्टरपंथ

संविधान ने भारत के प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार दिया है। जिसके अनुसार इस देश के सभी नागरिक कही पर भी अपने धर्म की प्रथा के अनुसार पूजा पाठ कर सकते है। हिन्दू बहुल इस देश में हिन्दुओं ने कभी किसी पर जबरन अपना धर्म नहीं लादा और न ही किसी के धर्म के प्रति नाराजगी जताई। मुस्लिमों को यहाँ पर लाउड स्पीकर में चिल्लाने की आजादी है तो ईसाइयो को गिरजाघरों में इबादत की। लेकिन इन सब के बीच जो सबसे बड़ा स्वाभिमान है वो है भारत माता और उस माँ की वंदना।

भारत में होने के बाद भी मध्यप्रदेश के सेंट मेरीज़ पीजी कॉलेज में भारत माता की पूजा नहीं की जाती है। जब हिन्दू संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा और अखिल भारतीय बिद्या परिषद् के कार्यकर्ताओ ने कॉलेज में पूजा करने का निवेदन किया तो कॉलेज प्रबंधन ने उनके साथ बत्तमीजी की। जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया। विदिशा के सेंट मेरीज़ पीजी कॉलेज को एक ईसाई मिशनरी संचालित करती है ,जो भारत माता की पूजा करने का विरोध कर रही है।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के विदिशा के अध्यक्ष दीपक तिवारी ने कहा कि “हम शहर के हर स्थान पर भारत माता की आरती कर रहे हैं। हम इस कॉलेज में भी यही करना चाहते थे लेकिन प्रबंधन ने हमें इसकी इजाज़त नही दी जो की बिल्कुल जायज नहीं है ।

वहीँ कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि ऊपर से आदेश आने के बाद ही पूजा करने की इजाज़त दी जा सकती है। कॉलेज ने इसकी शिकायत प्रशासन से करने के साथ ही सुरक्षा की मांग भी की है।

फ़ादर बीजू टोटनकारा ने कहा कि “यह अल्पसंख्यकों की संस्था है और जिस तरह से यहां पर भारत माता की आरती करने की कोशिश की जा रही है, वह ग़लत है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।

विदिशा के पुलिस अधीक्षक विनीत कपूर ने कहा है कि क़ानूनी तौर पर भी कोई संगठन इस तरह की मनमानी नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा “प्रशासन संस्था को पूरी सुरक्षा उपलब्ध करा रहा है और जो भी क़ानूनी तौर पर मुमकिन होगा वो किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में ईसाइयों के साथ तनाव की यह पहली घटना नहीं है। पिछले साल दिसंबर में सतना पुलिस ने एक ईसाई को धर्मांतरण के आरोप में गिरफ़्तार किया था। यह गिरफ़्तारी हिंदू संगठनों के के द्वारा हुई। जिनका आरोप था कि ईसाइयों ने एक हिंदू व्यक्ति को पैसों का लालच देकर धर्म बदलने के लिए मजबूर किया।

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