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यूनुस की डेयरी को सब अच्छी दूध की डेयरी समझते थे…लेकिन यूनुस दूध की आड़ में खून बेचता था, उसी गौमाता का

यूनुस एक तरह से गोकशी करने पर आमादा हो चुका था. जब वह खुलकर गोकशी को अंजाम नहीं दे पा रहा था तो उसने वो तरीका निकाला जिससे एकतरफ उसकी तारीफ होने लगी तो वहीं दूसरी तरफ वह धड़ल्ले से गोकशी भी करता रहा. यूनुस ने दूध की डेयरी खोल ली तथा सब लोग यही समझने लगे कि युनुस की डेयरी सबसे अच्छी है क्योंकि वहां गाय का शुद्ध दूध मिलता है. लेकिन जब इसके पीछे की हकीकत सामने आयी तो हर कोई दंग रह गया. यूनुस दूध की आड़ में खून बेचता था अर्थात डेयरी की आड़ में यूनुस गोकशी को अंजाम दे रहा था.

मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ का है. यूपी के मेरठ में लिसाड़ीगेट के रसीदनगर में गुरुवार को डेयरी की आड़ में एक बंद प्लॉट में गोकशी की मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा तो गोतस्कर फायरिंग करते हुए दीवार फांदकर फरार हो गये. पुलिस ने मौके से पशु के अवशेष बरामद किए, जिसकी जांच के लिए सैंपल भरे. खबर के मुताबिक, सुबह करीब सात बजे पुलिस को सूचना मिली कि रसीदनगर में डेयरी की आड़ में गोकशी हो रही है. सूचना पर एसएसआई लिसाड़ीगेट मुकेश कुमार, पिलोखड़ी चौकी की पुलिस के साथ ढलाई वाली गली में पहुंचे.  जिस प्लॉट पर पुलिस ने छापा मारा उसमें बाहर से ताला लगा था. पुलिस ने दीवार से अंदर घुसने की कोशिश की तो अंदर से एक गोतस्कर ने फायरिंग कर दी.  पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपी फायरिंग करते हुए भाग निकले.

सूचना पर इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट रघुराज सिंह और सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला पहुंचे. गोकशी का पता चलने पर आसपास के लोग जमा हो गए। पुलिस ने पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाया. मौके से पुलिस ने एक रस्सा, पशु कटान वाले दो चाकू, एक तराजू बरामद किया है. पुलिस ने आसपास के लोगों से गोकशी के बारे में पूछताछ की. लोगों ने इंस्पेक्टर को बताया कि यहां पहले रसीदनगर निवासी यूनुस की डेयरी थी. डेयरी के बराबर वाले प्लॉट में ही गोवंश का कटान किया जा रहा था. सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि पुलिस ने मुख्य आरोपी यूनुस, उसके बेटे रियाज, इमरान, पाती और परिवार की दो महिला समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है तथा जल्द ही तस्करों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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