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असम के मुख्यमंत्री ने पहिचान लिया आने वाले खतरे को.. राज्य में लगाया जनसंख्या से जुड़ा ये कड़ा कानून

हिन्दू तथा हिंदुस्तान के वजूद को बचाने के लिए सुदर्शन लंबे समय से जिस आवाज को उठाता रहा है, उस आवाज को अब असम सरकार ने अपना साथ दिया है. हिन्दू तथा हिंदुस्तान के भविष्य को बचाने वाली ये वो आवाज है, जिसके लिए सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक तथा राष्ट्र निर्माण संस्था के चेयरमैन श्री सुरेश चव्हाणके जी ने पिछले साल कश्मीर से कन्याकुमारी से दिल्ली के बीच 20 हजार किलोमीटर की 70 दिवसीय भारत बचाओ यात्रा निकाली थी.

हम बात कर रहे हैं “जनसंख्या नियंत्रण कानून” की. आपको बता दें कि “हम दो हमारे दो तो सबके दो” के मिशन के तहत “जनसंख्या नियंत्रण कानून” की मांग के लिए सुदर्शन ने जो संघर्ष किया है तथा देश को जागरूक किया है, उसे अब असम सरकार का साथ मिला है. मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व वाली असम की बीजेपी सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की दिशा में बड़ा कदम उठाया है.

खबर के मुताबिक़, असम सरकार ने फैसला लिया है कि जिस भी व्यक्ति के दो से ज्यादा बच्चे होंगे वह राज्य में ग्राम प्रधान का चुनाव नहीं लड़ सकेगा. असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कैबिनेट मीटिंग में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के दो बच्चे से ज्यादा होंगे वो गांव बुढ़ा (ग्राम प्रधान) का चुनाव नहीं लड़ सकेगा. सोमवार को कैबिनेट बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया. इसके साथ ही असम सरकार ने पंचायत प्रमुख बनने के लिए न्यूनतम आयु को मौजूदा 35 वर्ष से घटाकर 25 वर्ष करने का निर्णय लिया है

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