अगर बैन नहीं हुआ बुर्का तो जिले के सारे हिन्दू चलेंगे भगवा वस्त्रों में.. एक जिला जहाँ हुआ है ये एलान


हिन्दुओं द्वारा वहां एलान कर दिया गया है कि सुरक्षा की द्रष्टि से बुर्का को बैन किया जाए, और अगर बुर्का बैन नहीं किया गया तो वहां के सरे हिन्दू चाहे वह सार्वजनिक जगह हो या फिर ऑफिस तथा स्कूल.. भगवा पहिनकर चलेंगे. हिन्दू नेताओं द्वारा ये एलान किया गया है उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में. वो अलीगढ़ जहाँ स्थित यूनिवर्सिटी AMU में भारत का बंटवारा करने वाले मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी है तथा मजहबी चरमपंथी किसी भी हाल में उस तस्वीर को हटने नहीं देना चाहते.

मामला अलीगढ़ के धर्म समाज कॉलेज का है. खबर के मुताबिक़, छात्र नेताओं ने कॉलेज में बुर्का और टोपी पहनकर आने वाले छात्र-छात्राओं को बैन करने की आवाज़ उठाई है. वहीं ऐसा न होने पर खुद भगवा वस्त्र पहनकर कॉलेज में आने का ऐलान किया है. हिन्दू छात्र नेताओं के इस एलान के बाद अलीगढ़ की राजनीति गरमा गई है. हाल ही में UP)के ही फिरोजाबाद के एसआरके कॉलेज प्रशासन ने लड़कियों के बुर्का पहनकर कॉलेज आने पर रोक लगा दी थी.

छात्र नेता अमित गोस्वामी ने कहा है कि अलीगढ़ में डीएस कॉलेज हो या फिर टीआर और वार्ष्णाय कॉलेज, सभी में ड्रेस कोड लागू हो. बावजूद इसके कुछ छात्र-छात्राएं धर्म विशेष से जुड़ा बुर्का या टोपी पहनकर आते हैं. बुधवार को डीएस कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर मुकेश भारद्वाज को हमने इस संबंध में एक ज्ञापन दिया है. हमारी मांग है कि आने वाले 72 घंटे में कॉलेज परिसर में बुर्का और टोपी प्रतिबंधित की जाए. इतना ही नहीं किसी को भी दोपहर 3 बजे तक कॉलेज परिसर के अंदर बुर्के और टोपी में एंट्री न दी जाए.

छात्र नेता अमित गोस्वामी का कहना है कि अभी हमने डीएक कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर को ज्ञापन सौंपा है. मंगलवार और बुधवार को दो अन्य कॉलेजों में भी इस संबंध में ज्ञापन दिया जाएगा. मांग की जाएगी कि यहां भी बुर्का और टोपी को बैन किया जाए. अगर अलीगढ़ के तीनों कॉलेज में ऐसा नहीं होता है तो अन्य छात्र भगवा वस्त्र पहनकर आना शुरु कर देंगे. उन्होंने कहा है कि कॉलेज प्रशासन हमारी मांगों पर गौर नहीं करते हैं और 72 घंटे में बुर्का और टोपी बैन नहीं किया जाता है तो उसके बाद कॉलेज की दूसरी छात्राएं बुर्का पहनकर कॉलेज आने वाली छात्राओं के बुर्का उतरवाएंगी और छात्रों की टोपी अन्य छात्र उतरवाएं.

इसके साथ ही छात्र नेता अमित गोस्वामी ने आगे कहा है कि शहर के तीन बड़े कॉलेज में बुर्का और टोपी बैन करने के साथ ही हम डीएम से मिलकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भी धार्मिक पहचान के वस्त्र बुर्का और टोपी को बैन कराने की मांग करेंगे. अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर एएमयू में भगवा वस्त्र पहनकर और टीका लगाकर आने वाले दूसरे छात्रों को सुरक्षा देने की मांग की जाएगी.”


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share
Loading...

Loading...