कॉलेज ने साहस करके बुर्के पर लगाया बैन तो चीख पड़ा देवबंद… बताया नाकाबिल ए बर्दाश्त


योगी आदित्यनाथ शासित उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का एसआरके कॉलेज इस समय सुर्खिया बना हुआ है. एसआरके कॉलेज को अचानक मिलीं इन सुर्ख़ियों के पीछे की वजह है कॉलेज प्रशासन का वो आदेश जिसके तहत कॉलेज में ड्रेस कोड अनिवार्य रूप से लागू कर दिया है. अर्थात कॉलेज में बुर्का को बैन कर दिया गया है. कॉलेज प्रशासन ने साफ़ कर दिया है कि कॉलेज में सभी छात्र छात्राएं कॉलेज की ड्रेस में ही आयेंगे, मुस्लिम लडकियों को भी बुर्का के बजाय तय ड्रेस ही पहिन्नी होगी.

एसआरके कॉलेज प्रशासन के इस फैसले के बाद हड़कंप मच गया है. जहाँ देश की आम जनता कॉलेज के इस साहसिक निर्णय की सराहना कर रही है तथा अन्य कॉलेजों में भी ऐसे आदेश की मांग कर रही हैं तो वहीं इस्लामिक शिक्षण संस्थान इस आदेश के खिलाफ तनकर खड़ा हो गया है. कॉलेज प्रशासन के फैसले पर देवबंद के उलेमा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे बेतुका फरमान बताया है तथा कहा है कि कॉलेज प्रशासन का यह फैसला किसी भी तरह से ठीक नहीं है.

जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक और आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि कॉलेज प्रशासन का यह नियम मुस्लिम महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है. इस फरमान से लोकतंत्र में मिली धार्मिक आजादी का उलंघन हो रहा है जो बर्दाश्त नहीं हैएसआरके कॉलेज . वहीं कॉलेज प्रशासन का कहना है कि ये आदेश आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और अराजकता से छात्रो को दूर रखने के लिए लिया है, जिसका पालन सभी को करना ही होगा.

शनिवार को मुस्लिम छात्राएं बुर्का पहनकर आई थीं तो कॉलेज प्रशासन ने उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया. प्राचार्य और अनुशासन समिति के सदस्य मुख्य गेट पर तैनात रहे. कॉलेज अनुशासन समिति के एक सदस्य ने बताया कि छात्र-छात्राएं के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य है, जो मुस्लिम छात्राएं बुर्का पहनकर आती हैं, उनके लिए अलग से चेजिंग रूम की व्यवस्था की गई है. घर से बुर्का पहनकर आएं, किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं. मगर कॉलेज में प्रवेश के यूनीफार्म में ही मिलेगा. कॉलेज प्रिंसिपल का कहना है कि बुर्का ड्रेस कोड में नहीं आता, इसलिए छात्राओं के बुर्का पहनकर आने पर एंट्री नहीं होगी.


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