Breaking News:

आतंक के आका गिलानी का टट्टू बन गया था देविंदर बहल. कर रहा था भारत के ही खिलाफ गद्दारी…

जिस थाली में खाओ उसी में छेद करो। देश के अंदर देश के गद्दार है जो चंद पैसों के लिए अपने आप को बेच देते है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कट्टरवादी अलगाववादी नेता सैय्यद शाह गिलानी के करीबी देविंदर सिंह बहल को लेकर खुलासा किया है। खुलासे के रिपोर्ट में बताया गया है कि बहल 98 पाकिस्तान के उच्चायोग के संपर्क में काम कर रहा था। गौरतबल है कि टेरर फंडिंग मामले में कट्टर अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के करीबी वकील देविंदर सिंह बहल के घर रविवार को छापा मारा था और उसकी अकूत संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में एनआईए की टीम जुटी हुई थी।

एनआईए को जम्मू-कश्मीर के अलावा कई जगह बेनामी संपत्तियों का पता चला है। एनआईए के मुताबित, अलगाववादियों से लिंक तलाशने के साथ टेरर फंडिंग मामले में ठोस सबूत जुटाए जा रहे है। सूत्रों का कहना है कि बहल के घर से बरामद दस्तावेजों की जांच चल रही है। इसमें बैंक खाते भी शामिल हैं। बहल के घर से बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही हैं। साथ ही लैपटॉप में दर्ज सूचनाओं की भी जांच-पड़ताल की जा रही है।
एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमें संदेह है कि पाकिस्तानी उच्चायोग के लोगों के साथ संपर्क में रहने वाले बहल ने आईएसआई के जासूसों को खुफिया सूचनाएं देकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है। यह एक गंभीर अपराध है और उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 121 (राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने) के तहत केस का आधार तैयार होता है। आपको बता दें कि पिछले दिनों से टेरर फंडिंग को लेकर जांच एजेंसिया सख्त हो गयी है। लगभग रोज छापे पड़ रहे है। अलगवावादी नेताओं पर टेरर फंडिंग का आरोप है।
Share This Post

Leave a Reply