मौत का सामान बनाते थे वारिस और महबूब, पुलिस का धन्यवाद जो बचा ली सैकड़ों जिंदगियां

बुढ़ाना में गैरकानूनी तरीके से हो रहे तमंचे का व्यापार करने वालों पर पड़ी पुलिस की नज़र और धर दबोचा उन लोगों को जो करते थे तमंचे का अवैध कारोबार। पुलिस को सूत्रों से मिली सुचना पर छापा मार जौला गांव के जंगल में अवैध तरीके से चल रही तमंचों की फैक्ट्री का खुलासा किया है। इतने बड़े गैरकानूनी धंधे का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नई मिसाल कायम की है।

पुलिस को गांव जौला में छापा मारते देख अवैध कारोबार चलाने वाला दो आरोपी भाग खड़े हुए। पुलिस ने इन दोनों आरोपी का पीछा किया और हिरासत में ले लिया। टीम इंस्पेक्टर चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि तमंचा कारखाना की सुचना मिलने पर एक टीम को गठित किया गया। इस टीम को मंगलवार की देर रात को जौला के जंगल में छापा मारने के लिए भेजा गया और पुलिस को इस केस में भी सफलता मिली। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपियों के नाम वारिस और महबूब है। दोनों आरोपी जौला गांव के निवासी है।
ये दोनों जौला गांव के जंगल में एक गन्ने के खेत में इस कारोबार को अनजाम दिया करते थे। पुलिस ने सुचना मिलते ही खेत को चारों तरफ से घेर लिया और वहां मौजूद दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। गन्ने के खेत के बीच में टीन के छप्पर में बड़े पैमाने पर यह कारोबार चलाया जा रहा था। मौके पर वहा से भारी मात्रा में बने व अधबने तमंचे, लोहे के शिकंजे, ड्रिल मशीन, वैल्डिंग मशीन समेत और अन्य उपकरण आदि बरामद किये। पुलिस की इस सफलता को देखते हुए एसएसपी ने तमंचा कारखाने के मामले का पर्दा फाश करने वाली टीम को पुरुस्कृत करने की घोषणा की है। 
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