जैसे आज कर्तव्यपरायण DGP के खिलाफ खड़े हुए हैं नेता गण वैसे ही कभी खड़े हुए थे IG अमिताभ ठाकुर के खिलाफ जब उनकी पत्नी ने करनी चाही विपत्ति में फंसे S I शैलेन्द्र सिंह की मदद

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में संगठित अपराध को रोकने के मक़सद से लाए गए यूपीकोका विधेयक को विधानसभा में विपक्ष की ग़ैरमौजूदगी में ही पारित करा लिया गया। लेकिन विधान परिषद में उसे कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

विपक्ष जहां इस क़ानून में राजनीतिक द्वेष की आशंका देख रहा है वहीं जानकारों का कहना है कि यूपी में अपराध रोकने के लिए मौजूदा क़ानून ही पर्याप्त हैं, सिर्फ़ उन्हें ठीक से क्रियान्वित करने की ज़रूरत है।

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक रह चुके प्रकाश सिंह कहते हैं कि संगठित अपराध किसी राज्य की सीमा में नहीं बँधे हैं और इस तरह के अपराधों से निपटने के लिए ख़ुद केंद्र सरकार को क़ानून बनाने की ज़रूरत है।
आपको बता दे कि विधान परिषद से पास हुए बगैर यूपीकोका पर बयान देना डीजीपी सुलखान सिंह को भारी पड़ गया। सपा सदस्य शतरुद्र प्रकाश ने सुलखान सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला उठाया। उन्होंने कहा अभी यह विधेयक विधान परिषद में नहीं आया है लेकिन वही डीजीपी का कहना है कि यह अधिनियम बहुत अच्छा है।

शतरुद्र्र प्रकाश ने कहा कि डीजीपी ने उच्च सदन की गरिमा गिराई है। बगैर परिषद में पास हुए और राज्यपाल के हस्ताक्षर के बगैर यह अधिनियम नहीं बन सकता है। उन्हें इस सदन में बुलाकर माफी मंगवानी चाहिए। सभापति रमेश यादव ने नेता सदन से इस मामले को दिखवाने के निर्देश दिए। इस पर नेता सदन डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि उन्होंने डीजीपी से स्पष्टीकरण मांगा था। डीजीपी ने बताया कि उन्होंने टीवी चैनल से कहा था कि यूपीकोका अधिनियम बन जाएगा तो यह सूबे के लिए बहुत अच्छा होगा। उनकी मंशा सदन की गरिमा गिराना नहीं थी।

इस घटना ने एक बार फिर से उन दिनों की याद को ताज़ा करवा दिया जब विपत्ति में फंसे इलाहाबाद के सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र की मदद के लिए सामने आई IG अमिताभ ठाकुर जी की पत्नी नूतन ठाकुर को आधार बना कर कांग्रेस के इलाहाबाद विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने विधानसभा में हंगामा किया था और IG को सफाई तक देने पर मजबूर कर दिया था …जबकि इन्ही तथाकथित नेताओं ने एक भी बार भुखमरी के कगार पर आ चुके शैलेन्द्र सिंह के परिवार का हाल चाल तक जानने की जहमत नही उठाई थी ..ये घटनाएं इनके वर्दी वालों के खिलाफ मन मे भरे जहर को दर्शाती हैं , चाहे वो कश्मीर में तैनात फौज हो या UP में पोस्टेड पुलिस वाले ..

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