अनशन पर बैठी एक 80 साल की वृद्धा जो लगभग 1 हजार दिन से इंतजार कर रही मिलने का…लेकिन केजरीवाल के पास समय नहीं.. आखिर कौन है ये ?

एक 80 साल की वृद्धा जो लगभग पिछले एक हजार दिन से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने के इन्तजार में है लेकिन मुख्यमंत्री साहब के पास मिलने का समय नहीं है. मजबूरन ये वृद्धा आपने परिवार के साथ दिल्ली के सिविल लाइन्स इलाके के ट्रामा सेंटर के नज़दीक लगभग 1 सप्ताह से अनशन पर बैठ गयी है. ये परिवार आम आदमी की सरकार का दावा करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलना चाहता है. यहां एक आम आदमी मुख्यमंत्री से इंसाफ मांग रहा है. अपने बेटे के सम्मान दिलाने के लिए पिछले ढाई साल से एक बुजुर्ग मां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनका किया वादा याद दिलाने के लिए मिलना चाहती है. ये वादा था ड्यूटी और फर्ज के खातिर जान देने वालों को एक करोड़ की आर्थिक मदद देने की घोषणा. लेकिन सीएम साहब अपना वादा भूल गए तथा अब आम आदमी का मुख्यमंत्री होने का दावा करने केजरीवाल के पास आम आदमी से मिलने का समय नहीं है.

80 साल की हनीफ खातून अपनी बहू मलका खातून के साथ पिछले 28 सितंबर से अनशन पर बैठीं है. दअरसल 4 मार्च 2016 को दिल्ली पुलिस में तैनात हेड कॉन्स्टेबल अब्दुल सबूर को एक ट्रक ने बुराड़ी के पास चेकिंग के दौरान कुचल दिया था. अब्दुल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी. अब्दुल राजस्थान के करौली जिले के रहने वाले थे. उन्हें पूरे पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई थी. अब्दुल घर में कमाने वाले अकेले सदस्य थे. अब्दुल के घर वालों का कहना है कि अब तक ढाई साल बीत गया है लेकिन खुद को ईमानदार मुख्यमंत्री कहने वाले अरविंद केजरीवाल अपना वादा भूल बैठे हैं.

अब्दुल सबूर की माँ हनीफ खातून का कहना है कि उनको दिल्ली सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है और ना ही शहीद का दर्जा मिला है. इसलिए 80 साल की बुजुर्ग हनीफ खातून बेटे के सम्मान के लिए ढाई साल से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने के लिए चक्कर काट रही है. लेकिन सीएम साहब मिलने को राज़ी नही है. यहाँ ये बात याद दिलाना और जरूरी है कि अरविंद केजरीवाल हर मुद्दे में हिन्दू मुस्लिम खोज लेते हैं तथा खुद को अल्पसंख्यक मुस्लिम हितैषी होने का दावा करते हैं लेकिन सच क्या है वो हनीफ खातून बता रही हैं.

Share This Post